
औरंगाबाद के बीरेंद्र ने BPSC में लहराया परचम, जानें कैसे अंडे की दुकान से तय किया ऑफिसर बनने का सफर
ABP News
घर की माली स्थिति बेहद खराब होने की वजह से बीरेंद्र ने अंडे की दुकान खोल ली. इस व्यवसाय के साथ-साथ बीरेंद्र ने पढ़ाई भी जारी रखी. जब ग्राहक नहीं रहते, तो वे दुकान पर ही पढ़ाई करते थे. इसी मेहनत की वजह से उन्हें आज यह सफलता मिली है.
औरंगाबाद: बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 64वीं सिविल सेवा संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में परचम लहराने वाले बीरेंद्र की कहानी काफी प्रेरणादायक है. अंडे की छोटे से दुकान से ऑफिसर बनने तक का सफर किसी सपने से कम नहीं है. सूबे के औरंगाबाद जिले के कर्मा रोड स्थित छोटे से गुमटी में बैठकर अंडे बेचने वाले बीरेंद्र के लिए बीपीएससी क्रैक करना एक सपना था, जिसे उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से साकार किया. पिता की मौत के बाद छोड़ दिया गांवMore Related News

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