
'ऐसा लगा जैसे बादल फटा हो, कभी नहीं सोचा था कि ये छत...', एयरपोर्ट हादसे की कहानी, चश्मदीद की जुबानी
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घटनास्थल पर मौजूद एक चश्मदीद ने बताया, 'सुबह 5:30 बजे बिजली कड़की और ऐसा लगा जैसे बादल फटा हो. देखा तो छत गिरी पड़ी थी जिसके नीचे 8-10 गाड़ियां भी दबी हुई थीं. एक-दो के मरने की भी खबर है और कई घायल भी हुए हैं.' उसने बताया कि देखने से कभी नहीं लगा कि यह छत गिर सकती है.
दिल्ली एयरपोर्ट पर शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया. टर्मिनल-1 पर पार्किंग की छत गिरने से एक शख्स की मौत हो गई और 6 लोग घायल हो गए. शुक्रवार सुबह हुई बारिश लोगों के लिए आफत लेकर आई और अब दिल्ली की सड़कें लबालब पानी से भरी हुई हैं.
'ऐसा लगा जैसे बादल फटा हो'
घटनास्थल पर मौजूद एक चश्मदीद ने बताया, 'सुबह 5:30 बजे बिजली कड़की और ऐसा लगा जैसे बादल फटा हो. देखा तो छत गिरी पड़ी थी जिसके नीचे 8-10 गाड़ियां भी दबी हुई थीं. एक-दो के मरने की भी खबर है और कई घायल भी हुए हैं.' उसने बताया कि देखने से कभी नहीं लगा कि यह छत गिर सकती है.
मौके पर मौजूद एक अन्य व्यक्ति ने भी बताया कि उसने भी कुछ ऐसा ही अनुभव किया. दरअसल भारी बारिश के बीच टर्मिनल 1 पर सुबह के वक्त गाड़ियों की लाइन लगी थी कि तभी अचानक से पार्किंग की छत गिर गई और कई गाड़ियां इसकी चपेट में आ गईं. वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत आपातकालीन सेवाओं को मदद के लिए कॉल किया गया.
पार्किंग में खड़ी गाड़ियां आईं चपेट में
अधिकारियों ने बताया कि छत के अलावा ‘बीम’ भी गिर गए, जिससे टर्मिनल के ‘पिक-अप और ड्रॉप’ क्षेत्र (ऐसा क्षेत्र जहां यात्रियों को लाने-ले जाने वाले वाहन खड़े होते हैं) में खड़ी कारें क्षतिग्रस्त हो गईं. हादसे के बाद हालात का जायजा लेने के लिए केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू खुद टर्मिनल वन पर पहुंचे और अधिकारियों से तमाम जानकारी ली.

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