
एस्सेल ग्रुप ने 95वें वर्ष में किया प्रवेश, राज्य सभा सांसद सुभाष चंद्रा ने दी बधाई
Zee News
एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन और राज्य सभा सांसद सुभाष चंद्रा ने ट्वीट कर कहा कि एस्सेल ग्रुप के अस्तित्व का 95वां वर्ष होने के नाते आज का दिन हमारे लिए ऐतिहासिक है. सभी भूत, वर्तमान और भविष्य के एस्सेलाइट्स को बधाई.
नई दिल्ली: एस्सेल ग्रुप (Essel Group) ने अपने सफर के शानदार 94 साल पूरे कर लिए हैं. एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन और राज्य सभा सांसद सुभाष चंद्रा ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा कि एस्सेल ग्रुप के अस्तित्व का 95वां वर्ष होने के नाते आज का दिन हमारे लिए ऐतिहासिक है. Today is landmark day in our history being 95th year of existence of Essel Group. Congratulations to all past, present & future Esselites. We are not celebrating due to Covid. We will celebrate 100th year together. God bless us all Sharing some memories of Essel 90 years celebrations! 4 generations together, taking the legacy forward. एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर एस्सेल ग्रुप से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी. उन्होंने कहा, 'एस्सेल ग्रुप के अस्तित्व का 95वां वर्ष होने के नाते आज का दिन हमारे लिए ऐतिहासिक है. सभी भूत, वर्तमान और भविष्य के एस्सेलाइट्स को बधाई. हम कोविड के कारण जश्न नहीं मना रहे हैं. हम एक साथ 100वां साल मनाएंगे. भगवान सभी पर अपनी कृपा बनाए रखे.' — Subhash Chandra (@subhashchandra)
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.










