
एक साथ चुनाव होने से वोटर्स की मतदान के प्रति उदासीनता कम होगी: Parliamentary Committee
Zee News
देश में साल 1951 से लेकर 1967 तक केंद्र और राज्यों के चुनाव साथ कराने की व्यवस्था थी. साल 1951-52 में सभी राज्यों के चुनाव लोकसभा चुनावों के साथ हुए. फिर राज्यों के पुनर्गठन और सरकारों की बर्खास्तगी के चलते धीरे-धीरे यह सिलसिला टूटता गया.
नई दिल्ली: देश में एक साथ चुनाव कराने की वकालत करते हुए संसद की एक समिति (Parliamentary Committee) ने मंगलवार को कहा कि ऐसा होने से सरकारी खजाने पर बोझ कम पड़ेगा, राजनीतिक दलों का खर्च भी कम होगा वहीं इस फैसले से देश में मानव संसाधनों (Human Resources) का अधिकतम उपयोग किया जा सकेगा. कई लोगों का मानना है कि सभी चुनाव एक साथ कराए जाने की मांग अगर पूरी होती है तो इससे समय और देश के पैसे दोनों की बचत होगी. गौरतलब है कि बीजेपी इससे पहले भी समय-समय पर इस मांग को राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना चुकी है. कानून एवं न्याय और कार्मिक मंत्रालयों पर विभाग संबंधी स्थायी समिति ने कानून मंत्रालय के लिए अनुदान की मांगों पर अपनी रिपोर्ट में कहा, ‘समिति का मानना है कि एक साथ चुनाव होने से बार-बार चुनावों को लेकर मतदाता में पैदा हुई उदासीनता कम की जा सकेगी वहीं आम जनता को, खासतौर पर मतदाताओं को देश की चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित भी किया जा सकेगा.’ ये रिपोर्ट मंगलवार को दोनों सदनों में पेश की गयी.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.










