
पेट्रोलियम मंत्रालय का बड़ा फैसला, अब 25 दिन से पहले नहीं होगी गैस बुकिंग, घरेलू ग्राहकों को प्राथमिकता
AajTak
पश्चिम एशिया के युद्ध और ईंधन आपूर्ति में आई बाधाओं के बीच भारत सरकार ने एलपीजी (LPG) को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की हैं. घरेलू रसोई गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए बुकिंग के बीच 25 दिनों का अनिवार्य अंतर तय किया गया है, जबकि अस्पतालों को आपूर्ति में प्राथमिकता मिलेगी.
पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और ईंधन सप्लाई चेन बाधित होने से एलपीजी (Liquefied Petroleum Gas) की आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है. भारत सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं की रसोई गैस की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तेल रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने और अतिरिक्त उत्पादन को घरेलू उपयोग के लिए समर्पित करने के आदेश दिए हैं. साथ ही गैस की जमाखोरी रोकने के लिए 25 दिनों के अंतराल से पहले सिलेंडर बुकिंग पर रोक लगाई गई है. गैर-घरेलू क्षेत्रों के लिए आपूर्ति की समीक्षा हेतु ओएमसी की कमेटी गठित की गई है. सरकार का उद्देश्य घरेलू गैस आपूर्ति को निरंतर बनाए रखना है. मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'वर्तमान भू-राजनीतिक व्यवधानों और एलपीजी आपूर्ति में बाधाओं के मद्देनजर, मंत्रालय ने तेल रिफाइनरियों को उच्च एलपीजी उत्पादन के आदेश दिए हैं और ऐसे अतिरिक्त उत्पादन को घरेलू एलपीजी उपयोग के लिए निर्देशित किया है.' ये कदम घरेलू स्तर पर खाना पकाने वाली गैस की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है, क्योंकि भारत की एलपीजी आवश्यकताओं का बड़ा हिस्सा आयात पर निर्भर है जो वर्तमान संकट से प्रभावित हो रहा है.
'कालाबाजारी पर रोक' साथ ही सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए एलपीजी की राशनिंग और सख्त नियमों का सहारा लिया है. नई नीति के अनुसार, कोई भी उपभोक्ता 25 दिनों के अंतराल से पहले अगला सिलेंडर बुक नहीं कर पाएगा. इसका मुख्य उद्देश्य संकट के वक्त में गैस की जमाखोरी को रोकना है. मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि घरेलू सप्लाई को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा और रिफाइनरियों को अपना पूरा ध्यान स्थानीय मांग को पूरा करने पर लगाने को कहा गया है.
होटल-रेस्टोरेंट के लिए बनेगी विशेष कमेटी
वहीं, गैर-घरेलू क्षेत्रों, जैसे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य उद्योगों के लिए एलपीजी की आपूर्ति की समीक्षा करने के लिए ओएमसी (OMC) के तीन कार्यकारी निदेशकों (EDs) की एक कमेटी गठित की गई है. ये कमेटी विभिन्न उद्योगों के आवेदनों और जरूरतों की जांच करेगी. फिलहाल, आयातित गैस का कोटा केवल अस्पतालों और स्कूलों जैसे जरूरी संस्थानों के लिए ही आरक्षित रखा गया है. सरकार की प्राथमिकता इस कठिन वक्त में बुनियादी सुविधाओं और रसोई की जरूरतों को बिना किसी रुकावट के जारी रखने की है. बता दें कि ये फैसला पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, सचिव (MoPNG) और प्रमुख तेल विपणन कंपनियों-इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के साथ समन्वय में लिया गया है. मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इन उपायों का उद्देश्य करोड़ों भारतीय परिवारों की रसोई को सुरक्षित रखना है, खासकर ऐसे वक्त में जब वैश्विक आपूर्ति चेन प्रभावित हो रही है.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध का आज दसवां दिन है. परमाणु कार्यक्रम के बहाने शुरू हुआ यह संघर्ष अब पानी की जंग में बदलता दिख रहा है. ईरान ने बहरीन जैसे पश्चिम एशिया के देशों के वाटर प्लांट पर हमले शुरू कर दिए हैं. इससे संकेत मिल रहे हैं कि युद्ध का नया मोर्चा अब वॉटर वॉर हो सकता है. खाड़ी देशों की ऊर्जा और पानी की सुरक्षा पर मंडराता खतरा वैश्विक संकट को और गहरा कर सकता है.

मुंबई पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की 2024 में हुई हत्या में बिल्डर लॉबी का कोई सम्बन्ध नहीं है. इस विषय पर आजतक ने सिद्दीकी परिवार के वकील से बातचीत की गई, जिन्होंने इस मामले से जुड़ी जानकारी साझा की. पुलिस की यह पुष्टि बिल्डर लॉबी के कथित संलिप्तता की अटकलों को खारिज करती है. देखें वीडियो.

ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी युद्ध 10वें दिन भी जारी है. ईरान की मिसाइलें और ड्रोन खाड़ी और इजरायल के कई इलाकों में तबाही मचा रही हैं. इजरायल में सामान्य जीवन जारी है लेकिन सुरक्षा सतर्कता बढ़ गई है. इजरायल ने मजबूत एंटी मिसाइल सिस्टम विकसित किया है, बावजूद इसके कुछ हमला सफल रहे हैं. लेबनान में भी इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच तनाव और बमबारी बढ़ गई है, जिससे हजारों लोग विस्थापित हुए हैं. फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से आपात बैठक की मांग की है. इस पूरे संघर्ष का असर सीधे आम नागरिकों पर पड़ रहा है और दोनों पक्ष भारी नुकसान उठाते रहे हैं.

MP में जनगणना और आदिवासी पहचान को लेकर सियासत गरमा गई है. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के 'आदिवासी धर्म कोड' वाले बयान ने भारतीय जनता पार्टी को हमलावर होने का मौका दे दिया है. अमरकंटक में दिए गए इस बयान को बीजेपी ने न केवल असंवैधानिक बताया है, बल्कि इसे सरकारी काम में बाधा डालने वाला कृत्य करार दिया है.

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पैदा हुए तेल संकट के बाद पाकिस्तान ने अपने यहां पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 55 पाकिस्तानी रुपये की भारी बढ़ोतरी की है. इसके बाद वहां की जनता हलकान है, पेट्रोल पंप पर लंबी लाइनें देखी जा रही हैं. इस बीच पाकिस्तान के सीनियर जर्नलिस्ट और राजनीतिक विश्लेषक ने अपने पीएम से तीखे सवाल पूछे हैं.

मिडिल ईस्ट में जारी अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध का असर भारत की रसोई तक पहुंच सकता है. एलपीजी सिलेंडर की कीमत 60 रुपये बढ़कर दिल्ली में 913 रुपये हो गई है. भारत अपनी जरूरत का 65-70 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है. विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध के कारण सप्लाई चेन पर असर पड़ सकता है.







