
'एक वर्ग को ही दी जा रही मदद', राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने ममता सरकार पर लगाया तुष्टिकरण का आरोप
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पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि यहां एक ही वर्ग के लोगों को मदद दी जा रही है. इसकी इजाजत संविधान नहीं देता.
पश्चिम बंगाल सरकार पर राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने हमला बोला है. राज्यपाल धनखड़ ने काली को लेकर महुआ मोइत्रा के बयान को लेकर उपजे विवाद पर मुलाकात करने आए साधु-संतों को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार को निशाने पर रखा. राज्यपाल ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यहां वर्ग विशेष को ही मदद दी जा रही है.
उन्होंने कहा कि एक विशेष वर्ग को ही आर्थिक सहायता दी जा रही है जिसकी इजाजत संविधान नहीं देता. राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने सरकार पर तुष्टिकरण का आरोप लगाया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सिर्फ एक वर्ग के लोगों के आंसू पोछे जाते हैं. उन्हें लाखो रुपये मुआवजा दिया जाता है और दूसरे वर्ग के आंसू नहीं पोछे जाते. जगदीप धनकर ने काली को लेकर महुआ मोइत्रा के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बंगाल की धरती पर इस तरह का कुकृत्य सही नहीं है. उन्होंने ये भी कहा कि देवी-देवताओं का अपमान चिंता का विषय है. मां काली के बारे में जो कहा गया उससे दुनिया भर में लोग दुखी हुए. पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने कहा कि काली को लेकर बयान से दुनियाभर के लोगों में रोष है.
उन्होंने काली को लेकर टीएमसी नेता के बयान के विरोध में राजभवन आए 200 से ज्यादा साधु-संतो को संबोधित किया. राज्यपाल ने कहा कि आज हम ऐसी जगह पहुंच गए हैं कि साधु-संतों को राज्यपाल के पास आकर बताना पड़ेगा कि हमारे इष्ट देवता के बारे में कोई कुछ भी बोल रहा है. उन्होंने ये भी कहा कि ऐसे में अगर कोई चुप रहता है तो ये समाज के प्रति अनादर है. राज्यपाल ने साधु संतो के प्रतिनिधिमंडल को ये भी आश्वासन दिया कि आपके प्रतिवेदन पर अधिकारों के मुताबिक एक्शन लेंगे. गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में दो सौ साधु-संतो का प्रतिनिधिमंडल राजभवन पहुंचा था. इस प्रतिनिधिमंडल ने महुआ मोइत्रा की काली को लेकर टिप्पणी की राज्यपाल से शिकायत की.

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