
एंबेसी, सिम कार्ड और मोबाइल हैकिंग... PAK जासूस लाभशंकर माहेश्वरी ने खोले कई अहम राज, सेना के जवान थे टारगेट
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लाभशंकर माहेश्वरी मूल रूप से पाकिस्तानी हिंदू है. जो फर्टिलिटी इलाज के लिए अपनी पत्नी के साथ वीजा लेकर 1999 में भारत आया था. साल 2005 में उसने और उसकी पत्नी ने भारतीय नागरिकता हासिल कर ली थी. उसे जासूसी की एवज में पाकिस्तान से पैसा मिलता था.
Pakistani Spy Labhshankar Maheshwari: भारतीय सेना के जवानों के फोन में मालवेयर भेजकर पाकिस्तानी आर्मी और खुफिया एजेंसी आईएसआई जासूसी करती थी. इस बात का खुलासा होने के बाद गुजरात एटीएस (ATS) ने पाकिस्तानी जासूस लाभशंकर माहेश्वरी को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में लाभशंकर ने कई अहम खुलासे किए हैं. अब गुजरात एटीएस और केंद्रीय एजेंसियां लगातार पाकिस्तानी जासूस लाभशंकर से पूछताछ कर रही हैं.
कौन है लाभशंकर माहेश्वरी?
लाभशंकर माहेश्वरी मूल रूप से पाकिस्तानी हिंदू है. जो फर्टिलिटी इलाज के लिए अपनी पत्नी के साथ वीजा लेकर 1999 में भारत आया था. साल 2005 में उसने और उसकी पत्नी ने भारतीय नागरिकता हासिल कर ली. पुलिस के मुताबिक आरोपी लाभशंकर माहेश्वरी शुरुआत में वह तारापुर में अपने ससुराल में रहा. उसने वहां कई दुकानें खोलीं और उसका अच्छा खासा कारोबार हो गया. इसके बाद लाभशंकर ने साल 2022 में पाकिस्तानी वीजा के लिए अप्लाई किया था, पर वीजा में देरी हो रही थी, जिसकी वजह से उसने पाकिस्तान मे रहने वाले अपने मौसी के बेटे किशोर रामवाणी को बात की थी.
PAK एंबेसी के संपर्क में था लाभशंकर
किशोर ने पाकिस्तान एंबेसी में किसी शख्स से व्हाट्सऐप पर बात करने के लिए लाभशंकर को कहा था. इसके बाद लाभशंकर और उसकी बीवी का वीजा मंजूर हो गया और दोनों पाकिस्तान चले गए. बाद में उसने अपनी बहन और उसकी बच्ची के लिए पाकिस्तानी वीजा के लिए फिर से उसी शख्स से पाकिस्तान एंबेसी में संपर्क किया था और वो वीजा भी मंजूर हो गए थे.
मिलिट्री इंटेलीजेंस से ATS को मिला था इनपुट

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