
उत्तर प्रदेश में बढ़ता जा रहा रहस्यमयी बुखार का कहर, अब तक 60 से ज्यादा लोगों की मौत
Zee News
उत्तरप्रदेश में रहस्यमयी वायरल बुखार (Viral Fever) का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है और फिरोजबाद और मथुरा समेत कई जिलों में रहस्यमयी वायरल बुखार की वजह से लोग परेशान हैं. राज्य में अब तक 62 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि पीड़ितों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है.
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में इन दिनों डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया का आतंक फैला हुआ है. प्रदेश में जैसे-जैसे बारिश का दौर तेज हो रहा है, घातक बीमारियां पैर पसार रही है. अभी हाल ही में फिरोजाबाद में डेंगू से कई बच्चों की मौत हुई थी. माना जा रहा है कि मरने वालों की संख्या 50 से ज्यादा हो सकती है. फिरोजाबाद में हुई इतनी मौतों ने सरकार को भी हिला कर रख दिया था, जिसका असर भी देखने को मिला जब खुद सीएम योगी ने फिरोजाबाद का दौरा किया और मृतक बच्चों के परिवार वालों से मिले थे. वहीं मथुरा में भी 12 लोग बुखार से अपनी जान गंवा चुके हैं. कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच उत्तर प्रदेश में रहस्यमयी बुखार ने चिंता बढ़ा दी है और अब तक राज्य में 60 से ज्यादा लोगों का जान जा चुकी है. इस बुखार की पहचान स्क्रब टाइफ्स ( Scrub Typhus) के रूप में हुई है, जिसके मामले मथुरा के अलावा आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा और कासगंज में सामने आए हैं. इसके अलावा झांसी, औरैया, कानपुर, फिरोजाबाद और सहारनपुर में भी बुखार के मामले सामने आए हैं.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.









