
उत्तर प्रदेश: ऑनलाइन वीडियो में पीएम मोदी पर टिप्पणी को लेकर 22 वर्षीय व्यक्ति गिरफ़्तार
The Wire
उत्तर प्रदेश पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी वाला एक वीडियो पोस्ट करने के आरोप में 22 वर्षीय शख़्स को गिरफ़्तार किया है. मुज़फ़्फ़रनगर ज़िले के चरथावल थाने में उक्त व्यक्ति के ख़िलाफ़ कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी वाला एक वीडियो पोस्ट करने के आरोप में 22 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है.
पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान जितेंद्र कुमार कश्यप के रूप में हुई है. मुज़फ़्फ़रनगर जिले के चरथावल थाने के प्रभारी सत्यनारायण दहिया के मुताबिक, कश्यप के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 352 (शांति भंग कराने के इरादे से जानबूझकर अपमान) और 353 (सार्वजनिक उपद्रव को बढ़ावा देने वाले बयान) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया है.
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, कश्यप को शनिवार को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब उनके द्वारा बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. द वायर यह जानकारी नहीं मिल सकी है कि वीडियो में क्या कहा गया था.
उल्लेखनीय है कि पिछले महीने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार के तीखे आलोचक, लंदन के डॉक्टर और लोकप्रिय यूट्यूबर संग्राम पाटिल को अधिकारियों ने रोका था और उन्हें पूछताछ के लिए क्राइम ब्रांच ले जाया गया था. 15 घंटे से अधिक समय तक हिरासत में रखने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया था.
ब्रिटिश नागरिक और नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस) से जुड़े संग्राम पाटिल 10 जनवरी को अपनी पत्नी के साथ मुंबई पहुंचे थे. इमिग्रेशन चेकपॉइंट पर पहुंचते ही अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया था.
उनकी हिरासत और पूछताछ भाजपा कार्यकर्ता निखिल भामरे द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद हुई थी. शिकायत में भाजपा के सोशल मीडिया अकाउंट संभालने वाले भामरे ने दावा किया था कि पाटिल ने फेसबुक पर ‘आपत्तिजनक सामग्री’ पोस्ट की थी, जिससे पार्टी के एक वरिष्ठ नेता की छवि धूमिल हुई.

लोकसभा में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव के सवाल के जवाब में केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि मणिकर्णिका घाट एएसआई के तहत संरक्षित स्मारक नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि घाट पर चल रहा कार्य घाट की गरिमा को बहाल करने के उद्देश्य से किए जा रहे जीर्णोद्धार और संरक्षण परियोजना का हिस्सा है.

देश में एलपीजी गैस की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता के बीच गुरुवार को संसद में जारी बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान ज़ोरदार हंगामा देखने को मिला. कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने सरकार पर इस मुद्दे पर ग़लत जानकारी देने का आरोप लगाया और इस पर संसद के भीतर विस्तृत चर्चा की मांग की. हालांकि, सरकार का कहना है कि देश के पास पर्याप्त भंडार हैं.

ईरान संघर्ष के बीच कंटेनर जहाजों की कमी के कारण कच्चे माल की कीमतों में करीब 30% की बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते भारत में दवाओं के दाम तेज़ी से बढ़ने की आशंका है. उद्योग से जुड़े लोगों ने कहा कि जहाजों की कमी के कारण चीन से आने वाले एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (एपीआई) की आपूर्ति प्रभावित हुई है. चीन भारतीय दवा निर्माताओं के लिए कच्चे माल का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक ने ‘प्रेस नोट 3’ के जरिए भारत के साथ स्थल सीमा साझा करने वाले देशों, मुख्य रूप से चीन पर लगाए गए प्रतिबंधों को वापस लेने का फैसला किया है. यह नियम इन देशों से आने वाले स्वत: निवेश पर रोक लगाता था. विपक्षी दलों ने इस निर्णय को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है.

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते मार्च 2026 की शुरुआत से विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ), जो किसी एयरलाइन की परिचालन लागत का लगभग 40% हिस्सा होता है, की आपूर्ति में रुकावटों के कारण क़ीमतों में काफी वृद्धि हुई है, जिसके चलते एयर इंडिया समूह ने अपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर चरणबद्ध तरीके से फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का निर्णय लिया है.

ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के बीच भारत के कई राज्यों में एलपीजी सिलेंडरों को लेकर चिंता बढ़ गई है. कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं. हालांकि सरकार ने देश में गैस की कमी से इनकार किया है. अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा स्थिति घबराहट में बढ़ी बुकिंग और वितरण बाधाओं से बनी है.

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने विधानसभा में बताया कि जून 2024 से अब तक राज्य में 54 सांप्रदायिक दंगे और सात मॉब लिंचिंग की घटनाएं दर्ज की गई हैं. सबसे अधिक 24 सांप्रदायिक दंगे बालासोर ज़िले में दर्ज किए गए, जबकि 16 मामले खुर्दा ज़िले में सामने आए. हालांकि इन मामलों में 50 प्रतिशत से भी कम मामलों में आरोपपत्र दाखिल किया गया है.

दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में होली पर मुस्लिम महिला पर गुब्बारा फेंकने को लेकर हुए विवाद में 26 वर्षीय तरुण की हत्या के बाद रविवार को एमसीडी ने मुख्य आरोपियों के घर के कुछ हिस्से को अतिक्रमण बताते हुए ढहा दिया. वहीं आरोपी परिवार का कहना है कि हत्या उन्होंने नहीं की है. तरुण का परिवार न्याय की मांग कर रहा है, वहीं आरोपी परिवार की एक सदस्य का कहना है कि पड़ोसियों की लड़ाई को धर्म की लड़ाई बना दिया गया है.





