
'उत्तराखंड में UCC लागू करने का उद्देश्य किसी समुदाय को टारगेट करना नहीं', इंदौर में बोले CM धामी
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सीएम धामी ने कहा कि जिन्होंने तुष्टीकरण की नीति के आधार पर देश पर लंबे समय तक शासन किया, वे उत्तराखंड के आम लोगों में यूसीसी के बारे में संदेह पैदा कर रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि इस कोड को लागू करने का उद्देश्य किसी समुदाय को खुश करना या अन्य समुदायों को टारगेट करना नहीं है.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को कहा कि पहाड़ी राज्य में प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (UCC) का उद्देश्य किसी वर्ग को खुश करना या किसी समुदाय को टारगेट करना नहीं है. उन्होंने कहा कि इसके लागू होने से समाज के सभी वर्ग सशक्त होंगे.
सीएम धामी उत्तराखंड के रहने वाले लोगों के एक स्थानीय संगठन उत्तराखंड सांस्कृति संस्था द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद इंदौर में मीडिया से बात कर रहे थे. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करना सत्तारूढ़ बीजेपी के संकल्प पत्र में था और वोटर्स ने इसके लिए पार्टी को अपना चुनावी समर्थन दिया था.
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धामी ने कहा कि जिन्होंने तुष्टीकरण की नीति के आधार पर देश पर लंबे समय तक शासन किया, वे उत्तराखंड के आम लोगों में यूसीसी के बारे में संदेह पैदा कर रहे हैं, लेकिन इस कोड को लागू करने का उद्देश्य किसी वर्ग को खुश करना या अन्य वर्गों को टारगेट करना नहीं है.
UCC पर बनी कमेटी ने 2.34 लाख लोगों से मांगे सुझाव: CM
सीएम ने आश्वासन दिया, "यह कोड सभी वर्गों के सशक्तिकरण के लिए लागू होगा. इसके लागू होने के बाद किसी भी वर्ग का आरक्षण, वैवाहिक अधिकार, रीति-रिवाज आदि प्रभावित नहीं होंगे." उन्होंने कहा कि प्रकाश देसाई ने पिछले डेढ़ साल के दौरान यूसीसी पर 2.34 लाख लोगों से सुझाव मांगे हैं, जबकि विभिन्न क्षेत्रों के 20,000 लोगों से सीधे मुलाकात की है. धामी ने कहा, "समिति इन सभी सुझावों को संकलित कर रही है. संकलन के बाद हम शेष औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद समान नागरिक संहिता को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे."

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