
ईरान पर ट्रंप के बदले-बदले बोल... अब इजरायल को चेताया, कहा- FORDO को नहीं कर पाओगे नेस्तनाबूद
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इजरायल ने ईरान के न्यूक्लियर प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर 12 जून को धावा बोल दिया था. इस हमले को ऑपरेशन राइजिंग लॉयन के तहत अंजाम दिया गया. लेकिन इससे बौखलाए ईरान ने इजरायल की राजधानी तेल अवीव सहित उसके रिहायशी इलाकों पर अटैक करना शुरू कर दिया. इससे दोनों ओर लगातार हमले हो रहे हैं.
इजरायल और ईरान के बीच नौ दिनों से बदस्तूर जंग जारी है. दोनों ओर से एक-दूसरे पर हवाई हमले हो रहे हैं. शहर दर शहर तबाह हो रहे हैं. इजरायल का निशाना ईरान के न्यूक्लियर प्लांट हैं, जिन्हें तबाह करने के लिए उसने अमेरिका से मदद भी मांगी है लेकिन अब अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसे लेकर बड़ा बयान दिया है.
ईरान के खिलाफ इजरायल का साथ देने के लिए अमेरिकी फौजों को भेजने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि ये आखिरी विकल्प होगा. अभी हमारे पास अधिकतम दो हफ्ते का समय है.
उन्होंने कहा कि इजरायल के पास ईरान के अंडरग्राउंड फोर्दो न्यूक्लियर प्लांट को अपने दम पर नेस्तनाबूद करने की क्षमता नहीं है. इजरायल के पास बहुत सीमित क्षमता है. वे फोर्दो का एक हिस्से को थोड़ा-बहुत ही नुकसान पहुंचा सकते हैं लेकिन इसे खत्म नहीं कर सकते.
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका का दावा है कि ईरान के पास न्यूक्लियर बम बनाने की पूरी क्षमता है. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि ईरान के सुप्रीम लीडर के आदेश पर ईरान कुछ ही हफ्तों में न्यूक्लियर बम बना सकता है.
उन्होंने कहा कि तेहरान के पास न्यूक्लियर बम बनाने के लिए हर जरूरी सामान है. अगर ईरान परमाणु बम तैयार कर लेता है तो यह पूरी दुनिया के लिए खतरा होगा और इससे खतरा बढ़ेगा.
बता दें कि इजरायल ने ईरान के न्यूक्लियर प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर 12 जून को धावा बोल दिया था. इस हमले को ऑपरेशन राइजिंग लॉयन के तहत अंजाम दिया गया. लेकिन इससे बौखलाए ईरान ने इजरायल की राजधानी तेल अवीव सहित उसके रिहायशी इलाकों पर अटैक करना शुरू कर दिया. इससे दोनों ओर लगातार हमले हो रहे हैं.

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