
ईरान का प्लान सऊदी अरब और मिस्र ने कैसे किया फेल?
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इजरायल ने दावा किया है कि उसने ईरान से दागे गए अधिकतर मिसाइलों और ड्रोन को पहले ही नष्ट कर दिया था. इजरायली डिफेंस फोर्स ने कहा कि उसने 90 प्रतिशत से ज्यादा प्रोजेक्टाइल्स को पहले ही हवा में मार गिराया था. यही कारण है कि ईरान के इस भारी-भरकम हवाई हमले से इजरायल को कोई खास नुकसान नहीं पहुंचा.

मध्य पूर्व में बढ़ती अमेरिकी सैन्य तैनाती के बीच ईरान पर संभावित हमले की आशंकाएं तेज हैं. सीमित स्ट्राइक से लेकर शासन परिवर्तन, सैन्य शासन, क्षेत्रीय जवाबी हमले और होर्मुज स्ट्रेट में बाधा तक कई परिदृश्य सामने हैं. किसी भी कदम का असर सिर्फ ईरान नहीं, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया की स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.











