
इस महिला IPS अफसर से डकैत भी कांपते हैं थर-थर, जानें लेडी सिंघम के बारे में सबकुछ
Zee News
राजस्थान के सीकर की रहने वाली प्रीति चंद्रा (Preeti Chandra) की पहचान दबंग और दमदार ऑफिसर के रूप में होती है. उन्होंने अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए कई बड़े काम किए और इसी वजह से उनका नाम लेडी सिंघम भी पड़ा था.
नई दिल्ली: राजस्थान के सीकर की रहने वाली प्रीति चंद्रा (Preeti Chandra) बीकानेर में एसपी की जिम्मेदारी संभाल रही हैं और वह बीकानेर की पहली महिला एसपी हैं. प्रीति चंद्रा की पहचान दबंग और दमदार ऑफिसर के रूप में होती है. वह जहां भी अपनी सेवा देती हैं, वहां अपराधी उनके नाम से ही थर-थर कांपते हैं. करौली की एसपी रहते हुए प्रीति चंद्रा का खौफ इतना ज्यादा था कि कई डकैतों ने सरेंडर कर दिया था.
साल 1979 में सीकर जिले के कुंदन गांव में जन्मीं प्रीति चंद्रा (Preeti Chandra) ने आईपीएस अफसर बनने से पहले स्कूल टीचर थीं. इससे पहले वह पत्रकार बनना चाहती थीं, लेकिन एमफिल करने के बाद उन्होंने स्कूल में पढ़ाना शुरू कर दिया. हालांकि उनके मन में कुछ बड़ा करने का जुनून था और फिर उन्होंने यूपीएससी एग्जाम की तैयारी शुरू कर दी.

Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.









