
इस्लामाबाद में भारतीय दूतावास के पास दिखा ड्रोन, क्या पाक कर रहा है जासूसी, जानिये भारत का स्टैंड
Zee News
नई दिल्लीः गुजश्ता रोज जम्मू एयर फोर्स स्टेशन पर ड्रोन गाइडेड हमले होने के बाद सरहद पार से ड्रोन हमले को लेकर खतरे बढ़ गए हैं. यहां तक कि अब पाकिस्तान के इस्लामाबाद वाके हिन्दुस्तानी सफारतखाना के आसपास भी ड्रोन देखे जाने की खबर है.
नई दिल्लीः गुजश्ता रोज जम्मू एयर फोर्स स्टेशन पर ड्रोन गाइडेड हमले होने के बाद सरहद पार से ड्रोन हमले को लेकर खतरे बढ़ गए हैं. यहां तक कि अब पाकिस्तान के इस्लामाबाद वाके हिन्दुस्तानी सफारतखाना के आसपास भी ड्रोन देखे जाने की खबर है. हुकूमते हिंद ने इस मामले को संजीदगी से लेते हुए पाकिस्तानी हुकूमत से इसे लेकर सख्त ऐतराज जताया है. यह ड्रोन भारतीय दूतावास के अफसरों के हिाईश के ऊपर उड़ता हुआ दिखा था. ऐसा पहली बार हुआ है जब पाकिस्तान में हिन्दुस्तानी मिशन के अंदर ड्रोन दिखाई दिया है. इस्लामाबाद के हाई सिक्यूरिटी वाले इस इलाके में ड्रोन नजर आने से इंडियन एम्बेसी के अफसर काफी फिक्रमंद हो गए हैं. 26 जून को दिखा था ड्रोन रिपोर्ट के मुताबिक, यह वाकया 26 जून का है. ड्रोन के दिखाई देने के वक्त भारतीय दूतावास के अंदर एक प्रोग्राम चल रहा था. हालांकि अभी तक इस बात की तस्दीक नहीं हो सकी है कि यह ड्रोन कहां से आया था और इससे भारतीय दूतावास की सिक्यूरिटी को कोई खतरा तो नहीं हुआ है. विदेश मंत्रालय जुमे की शाम पांच बजे इस मुद्दे पर पाकिस्तान के खिलाफ बयान भी जारी करेगा. उधर, जराया ने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के हवाले से जानकारी दी है कि ड्रोन फुटेज की जांच की जा रही है.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.









