
'इतनी गोली चलाएंगे के खोखे बेचकर अमीर हो जाओगे...', दिल दहला देगी पंजाब के इस गैंगवॉर की सच्चाई
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शूटआउट की न जाने कितनी ही तस्वीरें आपने देखी होंगी. शूटआउट के न जाने कितने ही किस्से आपने सुने होंगे. मगर हमारा दावा है किसी शूटआउट की ऐसी तस्वीर, इससे पहले आपने कभी नहीं देखी होगी. मामला पंजाब के बटाला का है.
Punjab Batala Shootout: एक मशहूर फिल्मी डायलॉग है- 'इतनी गोली चलाएंगे के खोखे बेचकर अमीर हो जाओगे.' पंजाब से कुछ ऐसी ही खौफनाक कहानी सामने आई है. जहां एक गांव में सिंचाई के पानी को लेकर दो गुटों में झगड़ा हो गया. इसके बाद वहां जो गोलियां चलीं, उसे देखकर आम लोग तो छोड़िए, पुलिस भी दंग रह गई. पूरा इलाका गोलियों की आवाज़ से गूंज रहा था और लोग खौफजदा थे.
मौके पर खड़ी कार भी छलनी शूटआउट की न जाने कितनी ही तस्वीरें आपने देखी होंगी. शूटआउट के न जाने कितने ही किस्से आपने सुने होंगे. मगर हमारा दावा है किसी शूटआउट की ऐसी तस्वीर, इससे पहले आपने कभी नहीं देखी होगी. वो मारूति की सफेद रंग की आल्टो कार है. उस कार पर किसी शौकीन ने कोई शौकिया डिजायन नहीं बनाया है.
न ही वो कोई पुरानी कार है, जो जंग खा चुकी है. वो बिल्कुल नई कार है. उस कार पर ये जो छोटे-छोटे गोल-गोल निशान आप दखे रहे हैं, वो कुछ और नहीं, गोलियां है. कायदे से इस कार पर इतनी गोलियां चली है कि खुद गिनने वाला कन्फ्यूज हो जाए. जिस जिस तरफ से कार निशान पर आई, उस-उस तरफ से ये गोलियों का निशाना बनी.
लाशें कम, घायल ज्यादा गाड़ी के आसपास ये कोई दुकान है. दुकान बंद है. शटर गिरा हुआ है. लेकिन शूटाआउट के निशाने पर ये शटर भी आ गया. अकेले इस शटर पर ही 30 से ज्यादा गोलियों के निशान हैं. सवाल ही नहीं कि गिनती 100 से कम हो, ज्यादा ही हो सकती है. अब इस कार और इन गोलियों के निशान को देखते हुए, ये अंदाजा लगाया जा सकता है कि कार में बैठे लोगों का क्या हुआ होगा, लेकिन आप हैरान रह जाएंगे कि गोलियों के मुकाबले, लाशों की गिनती कम है. घायलों की तादाद यकीकन ज्यादा है.
सिंचाई के पानी को लेकर जंग तस्वीर और कहानी पंजाब के गुरदासपुर की है. गुरदासपुर में बटाला नाम की एक जगह है. और उसी बटाला में हरगोविंदपुर. यहां रहने वाले ज्यादातर लोग किसान है. अच्छे किसान. जाहिर है, उनकी किसानी खेती पर है और खेती के लिए पानी की जरूरत होती है. गांव के किसान पिछले कई सालों से दो अलग-अलग गुटों में बंटे हुए हैं. एक गुट के लीडर को मेजर सिंह कहा जाता है, जबकि दूसरे गुट का कप्तान अंग्रेज सिंह है. लड़ाई सिंचाई के पानी को लेकर है. जब भी पानी का रुख एक गुट से दूसरे गुट की तरफ मुड़ता है, हथियार निकल आते हैं.
गोलीबारी में दोनों गुटों के 2-2- लोगों की मौत सिंचाई के इसी पानी के बंटवारे को लेकर रविवार की शाम दोनों गुट के कुल 13 लोग आमने-सामने आ गए. पहले झगड़ा जुबानी चलता रहा, फिर अचानक गोलियां चल पड़ी और उन्हीं गोलियों के बीच ये कार आ गई. इस गोलीबारी में दोनों ही गुट के 2-2 लोगों की मौत हो गई. जब कि 8 लोग गोली लगने से घायल हो गए, जिनका इलाज अमृतसर के एक असपताल में चल रहा है.

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