
आर्कटिक की वो जेल, जहां मौत से पहले रखे गए थे रूसी नेता एलेक्सी नवेलिनी, बेहद भयावह रहता है माहौल
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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विरोधी एलेक्सी नवलिनी की जेल में मौत की खबर आ रही है. दिसंबर में ही उनकी स्पोक्सपर्सन काइरा यर्मीश ने कहा था कि वे 'द पोलर वोल्फ' कॉलोनी भेजे जा चुके हैं. मॉस्को से 2 हजार किलोमीटर दूर ये कॉलोनी रूस की सबसे खतरनाक जेल मानी जाती है. इसके बाद कैदी की कोई खबर बाहरी दुनिया तक नहीं पहुंच पाती, सिवाय मौत के.
रूस के बारे में माना जाता है कि उस देश में कोई विपक्ष नहीं. जो भी सत्ता में आएगा, वो अगले कई सालों के लिए विरोधियों को दबाकर रखेगा. अगर कोई आवाज उठाने की कोशिश करे, तो वो या तो गायब हो जाता है या फिर संदिग्ध हालातों में मौत हो जाती है. ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जब पुतिन के कार्यकाल में विरोधी गायब हो गए. अब एलेक्सी नवलनी के बारे में यही कहा जा रहा है. कथित तौर पर उनकी मौत हो चुकी है.
कुख्यात है ये जेल
इससे पहले भी उन्हें लेकर अफवाहें उड़ती रहीं, लेकिन इस बार मामला अलग लग रहा है. वजह है, वो जेल जहां वे थे. बीते साल 25 दिसंबर को उनके समर्थकों ने बताया कि नवलनी से संपर्क हुए उन्हें दो हफ्ते हो चुके. साथ ही यह भी बताया गया कि वे पोलर वोल्फ पीनल कॉलोनी में भेजे जा चुके हैं. यमालो-नेनेट्स जिले में यह वो कुख्यात जेल है, जहां रूस के सबसे खतरनाक अपराधी रखे जाते हैं, या फिर वे जिन्हें सरकार दुनिया से काट देना चाहे.
नाजी कैंप से होती रही तुलना
दूसरे वर्ल्ड वॉर के समय रूस पर आरोप लगा कि वो दुश्मन सेना और आम नागरिकों को एक जेल में डाल रही है. यहां बंदियों से इतनी मेहनत करवाई जाती थी कि वे दम तोड़ दें. साइबेरिया से सटे इन कैंपों में न तो बर्फबारी से बचाने का इंतजाम था, न ही भरपेट खाना और इलाज मिलता था. इस कैंप को गुलाग कहा गया. युद्ध के बाद गुलाग बंद हो गया, लेकिन उसका नया रूप आ गया. इसे ही पीनल कॉलोनी कहते हैं.

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