
'आप व्यस्त हैं तो..', जयशंकर की तीखी बात का सिद्धारमैया ने दिया तंज से जवाब
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सूडान में चल रहे गृहयुद्ध में कई भारतीय फंसे हुए हैं. कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने इसे लेकर नरेंद्र मोदी सरकार को निशाने पर लिया और कहा कि सरकार भारतीयों को वहां से निकालने में निष्क्रियता दिखा रही है. जवाब में विदेश मंत्री जयशंकर ने पलटवार करते हुए कहा कि वो फंसे भारतीयों पर राजनीति न करें.
विदेश मंत्री एस जयशंकर और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री कांग्रेस नेता सिद्धारमैया के बीच मंगलवार शाम को सूडान में फंसे भारतीयों को लेकर ट्विटर युद्ध छिड़ गया. सिद्धारमैया ने कर्नाटक के आदिवासी समुदाय के 31 लोगों को गृहयुद्ध में फंसे सूडान से वापस लाने में सरकार की निष्क्रियता का आरोप लगाया जिसके बाद दोनों नेताओं में ट्विटर पर गरमागरम बहस छिड़ गई. सिद्धारमैया ने अपने एक ट्वीट में लिखा, 'ऐसी खबरें हैं कि कर्नाटक के 31 लोग जो हक्की पिक्की जनजाति के हैं, सूडान में फंसे हैं जहां गृहयुद्ध चल रहा है.'
उन्होंने ट्वीट में सरकार पर आरोप लगाया कि सूडान में इन जनजातियों के पास खाने-पीने के लिए भी कुछ नहीं है और सरकार ने अभी तक उन्हें वापस लाने के लिए कार्रवाई शुरू नहीं की है.
उनके आरोपों पर एस जयशंकर ने तीखा पलटवार करते हुए ट्वीट किया, 'आपके ट्वीट से स्तब्ध हूं. जीवन दांव पर है...राजनीति मत कीजिए.' जयशंकर ने अपने ट्वीट में जानकारी दी कि सूडान में 14 अप्रैल से गृहयुद्ध शुरू होने के बाद से भारतीय दूतावास लगातार वहां फंसे भारतीयों के संपर्क में है.
उन्होंने लिखा कि सुरक्षा कारणों से वहां फंसे भारतीयों की जानकारी को साझा नहीं किया जा सकता. सूडान में भयंकर गोलीबारी चल रही है जिस कारण वहां फंसे भारतीयों का कहीं आना-जाना रुका है.
'फंसे लोगों का राजनीतिकरण गैर जिम्मेदाराना'
जयशंकर ने सिद्धारमैया की आलोचना करते हुए आगे लिखा, 'वहीं फंसे लोगों की स्थिति का राजनीतिकरण करना आपके लिए घोर गैर जिम्मेदाराना है. चुनावी लक्ष्यों के लिए ऐसा करना किसी भी तरह से सही नहीं ठहराया जा सकता.'

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