
आपकी जेब में चल रहा जासूस! ये साधारण एंड्रॉयड ऐप्स कैसे बन रहे हैं सबसे बड़े स्पाइवेयर
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एक साधारण सा दिखने वाला ऐप आपकी जिंदगी बर्बाद कर सकता है. आम तौर पर लोगों को लगता है कि स्पाईवेयर खतरनाक दिखते हैं और ये कॉमन नहीं है. लेकिन डेली यूज किया जाने वाला आपका फोन का ऐप भी स्पाईवेयर हो सकता है. कैसे पहचानें?
अगर आपको लगता है कि फोन में बस वही ऐप्स खतरा बनते हैं जिन्हें आप संदिग्ध मानते हैं, तो आप बहुत बड़ी भूल कर रहे हैं. असल डर वहीं छिपा है जहां आप सबसे कम उम्मीद करते हैं. बिल्कुल साधारण, रोज़ इस्तेमाल होने वाले एंड्रॉयड ऐप्स में. ऐसे ऐप्स जो दिखने में बिलकुल नॉर्मल हैं, लेकिन अंदर छिपा कोड आपके फोन को मिनटों में खुली किताब बना देता है.
ये खतरा नया नहीं, लेकिन अब ये पहले से कई गुना ज़्यादा चालाक हो चुका है. ऐप्स उतनी ही आसानी से डेटा चुरा लेते हैं जितनी आसानी से आप उन्हें इंस्टॉल करते हैं. और सबसे बड़ी बात ये बैहै कि यूज़र को पता तक नहीं चलता.
टूल्स के नाम पर स्पाईवेयर का खेल
मार्केट में आज ऐसे सैकड़ों ऐप्स मौजूद हैं जो खुद को फ़ोन क्लीनर, वीडियो कन्वर्टर, फाइल मैनेजर, नोटिफिकेशन बूस्टर या वॉलपेपर ऐप बनकर पेश करते हैं. नाम और आइकॉन इतने सिंपल होते हैं कि किसी को शक ही नहीं होता.
लेकिन जैसे ही इन्हें इंस्टॉल किया जाता है, ये फोन से स्क्रीन रिकॉर्ड कर लेते हैं, कीबोर्ड के बटन यानी कीस्ट्रोक्स नोट कर लेते हैं, बैंकिंग ऐप पर ओवरले बना लेते हैं, और चुपचाप आपके फोन की हर चलती गतिविधि बाहर भेजने लगते हैं.
सबसे खतरनाक हिस्सा ये है कि ये ऐप्स हटाने पर भी पूरी तरह से फोन से नहीं हटते हैं. कई बार ये खुद को छुपाकर बैकग्राउंड में बने रहते हैं और यूज़र समझता है कि खतरा खत्म हो गया, जबकि असल में खेल तब शुरू होता है.

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