
चूहे ने कुतर दिए तार... पेड़ के नीचे मीटिंग, कैसे बना HDFC बैंक? अब एक इस्तीफे से 1 लाख करोड़ रुपये डूबे!
AajTak
HDFC बैंक की नींव अगस्त 1994 में रखी गई थी. इस बैंक की शुरुआत आदित्य पुरी ने की है, जो कि साल 2020 में MD और CEO पद से रिटायर हुए. उन्होंने बताया कि जब इस बैंक की स्थापना की गई थी तो उस वक्त कई साथी बेहद कम उम्र के थे, कई मिडिल क्लास थे, जो बाटा के जूते पहनते थे.
देश के सबसे बड़े बैंक में उथल-पुथल मचा है. HDFC बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती (Atanu Chakraborty) ने 18 मार्च को अचानक इस्तीफा दे दिया, इस्तीफे के साथ ही उन्होंने 'वैल्यूज और एथिक्स' का मुद्दा उठाया है, जिसे बैंक प्रबंधन ने खारिज कर दिया है.
दरअसल चक्रवर्ती के इस्तीफे और आरोपों ने बैंकिंग सेक्टर में हलचल मचा दी है, पिछले तीन दिन में HDFC बैंक के मार्केट कैप में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट आई है. कंपनी के शेयर पिछले तीन दिनों में करीब 8 फीसदी फिसल चुका है. शुक्रवार को भी HDFC बैंक के शेयर में 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई. हालांकि इस गिरावट के बावजूद बैंक का मार्केट कैप 12 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है.
इस बीच अतनु चक्रवर्ती के आरोपों पर सफाई देते हुए HDFC बैंक के CEO शशिधर जगदीशन (Sashidhar Jagdishan) ने कहा कि उनके इस फैसले से मैं हैरान हूं, चेयरमैन से इस्तीफा वापस लेने या अपने आरोपों को स्पष्ट करने का भी अनुरोध किया गया था. क्योंकि उन्होंने बैंक को लेकर जो मुद्दा उठाया है, उस संदर्भ में कोई ठोस जानकारी नहीं दी है.
HDFC बैंक में क्या चल रहा है?
साथ ही शशिधर जगदीशन ने कहा कि बैंक में किसी भी प्रकार की गवर्नेंस या अनुपालन से जुड़ी समस्या नहीं है. HDFC Bank का आंतरिक सिस्टम मजबूत है और सभी गाइडलाइंस का पालन किया जा रहा है.
अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे के साथ ही RBI ने HDFC बैंक के पूर्व वाइस चेयरमैन केकी मिस्त्री को 3 महीने के लिए पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त करने पर अपनी मोहर लगा दी है. वहीं कुछ लोग कह रहे हैं कि पिछले कुछ समय से बैंक के शीर्ष प्रबंधन और चेयरमैन के बीच अंदरूनी खींचतान चल रही थी, जो अब सार्वजनिक रूप से सामने आ गई है.

Aaj 21 March 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 21 मार्च 2026, दिन- शनिवार, चैत्र मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि 23.56 बजे तक फिर चतुर्थी तिथि, अश्विनी नक्षत्र, चंद्रमा- मेष में, सूर्य- मीन में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.04 बजे से दोपहर 12.53 बजे तक, राहुकाल- सुबह 09.26 बजे से सुबह 10.57 बजे तक, दिशा शूल- पूर्व.

तेहरान में युद्ध के बीच 'काली बारिश' हो रही है. यह इतनी खतरनाक है कि इसके संपर्क में आने से लोगों की तुरंत मौत हो सकती है या फिर लंबे समय के लिए लोग बीमार पड़ सकते हैं. ईरान की राजधानी तेहरान में अमेरिकी-इजरायली हवाई हमलों से ईरान के तेल संयंत्र उड़ा दिए गए. इससे निकले जहरीले धुएं के बादल हवा में फैल गए हैं. तेल और जहरीले केमिकल व गैस से बने इन बादलों से ही 'काली बारिश' हो रही है.











