
आगरा: पुलिस एनकाउंटर में ढेर हुआ 50 हजार का कुख्यात अपराधी मुकेश ठाकुर, केनरा बैंक में दिनदहाड़े डाली थी डकैती
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पूछताछ के बाद जब उसे हथियार बरामदगी के लिए ले जाया रहा था, तभी पुलिस की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की और फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस की तरफ से जवाबी फायरिंग में मुकेश ठाकुर को गोली लगी.
शोभित चतुर्वेदी/आगरा: इरादतनगर स्थित केनरा बैंक डकैती में फरार चल रहा 50 हजार रुपये का इनामी मुकेश ठाकुर सोमवार सुबह पुलिस मुठभेड़ में मारा गया. पुलिस द्वारा चेकिंग अभियान में रोकने पर मुकेश ठाकुर ने फायरिंग की. जवाबी फायरिंग में मुकेश ठाकुर घायल हो गया. अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. सदर क्षेत्र में बीएसएनएल ग्राउंड के पास पुलिस और उसके बीच मुठभेड़ हुई. मुकेश ठाकुर मूलरूप से बसेड़ी, राजस्थान का निवासी था. इरादतनगर में पेट्रोल पंप के साथ उसने जगनेर में एक पेट्रोल पंप भी लूटा था. पेट्रोल पंप पर मौजूद गार्ड से राइफल लूटी थी.छत्ता क्षेत्र में उसके गैंग ने एक व्यापारी के कर्मचारी को गोली मारी थी. पुलिस को उसकी तलाश थी. मुकेश लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा था.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.









