
असम सरकार का AFSPA को लेकर बड़ा फैसला, आठ जिलों में अगले छह महीनों तक लागू रहेगा
AajTak
असम सरकार ने आठ जिलों में AFSPA बढ़ाया है. इन जिलों में तिनसुकिया, डिब्रूगढ़,चराइदेव, शिवसागर, जोरहाट, गोलाघाट, कार्बी आंगलोंग और दीमा हसाओ शामिल हैं. अब इन जिलों में अगले छह महीने तक AFSPA लागू रहेगा.
असम सरकार ने राज्य के 'अशांत क्षेत्र' वाले आठ जिलों में सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (AFSPA) को एक अप्रैल से छह महीने के लिए बढ़ा दिया है. असम के गृह और राजनीतिक विभाग ने बुधवार को इसको लेकर नोटिफिकेशन जारी कर दिया.
असम सरकार ने जिन जिलों में AFSPA बढ़ाया है उनमें तिनसुकिया, डिब्रूगढ़,चराइदेव, शिवसागर, जोरहाट, गोलाघाट, कार्बी आंगलोंग और दीमा हसाओ शामिल हैं. अब इन जिलों में अगले छह महीने तक AFSPA लगा रहेगा. हालांकि राज्य में कानून व्यवस्था और सुरक्षा की समीक्षा के बाद एक अप्रैल से कछार जिले के लखीपुर उप-मंडल से 'अशांत क्षेत्र' का टैग हटा दिया जाएगा.
साल 1990 में लागू हुआ था AFSPA
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पहले एक अप्रैल, 2022 से नौ जिलों और कछार जिले के एक उप-मंडल को छोड़कर पूरे असम राज्य से AFSPA हटाने की घोषणा की थी. राज्य को 27-28 नवंबर, 1990 की मध्यरात्रि के दौरान AFSPA के तहत 'अशांत क्षेत्र' घोषित किया गया था और तब से इसे हर छह महीने में बढ़ाया जाता रहा है. पिछली बार असम के इन जिलों में AFSPA को अक्टूबर, 2022 को छह महीने के लिए बढ़ाया गया था, जबकि पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिले से वापस ले लिया गया था.
क्या होता है AFSPA?
AFSPA को अशांत इलाकों में लागू किया जाता है. ऐसे इलाकों में सुरक्षाबलों के पास बिना वारंट के किसी को भी गिरफ्तार करने की ताकत होती है और कई मामलों में बल प्रयोग भी किया जा सकता है. पूर्वोत्तर में सुरक्षाबलों की मदद करने के लिए 11 सितंबर 1958 को इस कानून को पास किया गया था. 1989 में जब जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद बढ़ा तो यहां भी 1990 में अफस्पा लागू कर दिया गया. अब ये अशांत क्षेत्र कौन होंगे, ये भी केंद्र सरकार ही तय करती है. अफस्पा केवल अशांत क्षेत्रों में ही लागू होता है.

Kanhaiya Mittal Controversy: प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल एक बार फिर अपने तीखे तेवर और विवादों के कारण चर्चा में हैं. राजस्थान के अलवर में आयोजित एक भक्ति संध्या के दौरान साउंड ऑपरेटर से हुई उनकी भिड़ंत ने अब 'सोशल मीडिया वॉर' का रूप ले लिया है. गायक की इस 'अकड़' पर लोग उन्हें जमकर ट्रोल कर रहे हैं.

दिल्ली के पालम इलाके में हुए भीषण अग्निकांड में एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत के बाद गुरुवार को शोक सभा के दौरान आम आदमी पार्टी और बीजेपी नेताओं के बीच कहासुनी शुरू हो गई और देखते ही देखते नौबत हाथापाई तक पहुंच गई. जिससे मौके पर तनाव फैल गया. इस झड़प में पूर्व AAP विधायक को भी चोट लगने की भी खबर है.

पहाड़ों पर जबरदस्त बर्फबारी जारी है. कारण है सक्रीय हुआ एक नया पश्चिमी विक्षोभ. इस तगड़ी मौसमी गतिवधि ने पहाड़ों से लेकर मैदानों तक मौसम को बदल दिया है. जम्मू, हिमाचल से लेकर उत्तराखंड तक एक तरफ बर्फबारी का दौर जारी है तो इसी कारण मैदानी इलाके जैसे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी में लगातार बारिश हो रही है. राजस्थान और कर्नाटक में तो जबरदस्त ओलावृष्टि देखने को मिली है.

देश में चल रहे एलपीजी गैस संकट का असर अब मुंबई में भी छोटे कारोबारियों पर साफ दिखने लगा है. गैस सिलेंडर की कमी से जूझ रहे दुकानदार अब वैकल्पिक उपाय अपनाने को मजबूर हैं. मुंबई में कई दुकानदार इलेक्ट्रिक स्टोव और चाय-कॉफी वेंडिंग मशीनों की ओर रुख कर रहे हैं. चाय विक्रेता इंद्रजीत जोशी ने भी सूरत से इलेक्ट्रिक मशीन मंगवाई है, ताकि सिलेंडर की कमी के बावजूद उनका काम बंद न हो और ग्राहक दोबारा लौट सकें.

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कॉलेज पॉलिटिक्स से सियासी सफर का आगाज किया था. मुख्य धारा की राजनीति के डेब्यू चुनाव में हिमंत को हार का सामना करना पड़ा था. दूसरे प्रयास में पहली जीत का स्वाद चखने वाले हिमंत न सिर्फ असम की सत्ता के शीर्ष पर काबिज हुए, बल्कि पूर्वोत्तर पॉलिटिक्स की धुरी बनकर भी उभरे.








