
असम में ओलावृष्टि होने से क़रीब 4,500 मकान क्षतिग्रस्त, फसलों को भी पहुंचा नुकसान
The Wire
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, सोमवार देर रात से मंगलवार तड़के तक हुई भारी ओलावृष्टि से डिब्रूगढ़, चराइदेव, शिवसागर व तिनसुकिया ज़िलों के 132 गांवों में कुल 4,483 घरों को नुकसान पहुंचा है और क़रीब 18,000 लोग प्रभावित हुए हैं.
डिब्रूगढ़/तिनसुकिया: असम के कई हिस्सों में विभिन्न स्थानों पर भारी ओलावृष्टि होने से करीब 4500 घरों को नुकसान पहुंचा है. अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. Due to a severe hailstorm, several houses under Moran and Tingkhang revenue circles have been reportedly damaged.
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की एक रिपोर्ट के अनुसार, डिब्रूगढ़, चराइदेव, शिवसागर और तिनसुकिया जिलों के 132 गांवों में कुल 4,483 घरों को नुकसान हुआ. रिपोर्ट में कहा गया है कि करीब 18,000 लोग ओलावृष्टि से प्रभावित हुए हैं और उन्हें तिरपाल की आपूर्ति की गई है. Have instructed officials to make a detailed assessment of the damages caused. Government is extending all possible help to all those affected by it. pic.twitter.com/MgwklKBBAG
डिब्रूगढ़ जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि असम के ऊपरी इलाकों में सोमवार देर रात और मंगलवार तड़के भारी ओलावृष्टि हुई. प्राधिकरण की रिपोर्ट में कहा गया है कि 4,481 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए जबकि दो मकान पूरी तरह से नष्ट हो गए. — Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) December 27, 2022
अधिकारियों ने बताया कि ओलावृष्टि से खेतों में लगी फसलों को भारी नुकसान के साथ ही कई स्कूलों को भी नुकसान हुआ है. सर्दियों के मौसम में राज्य के इस हिस्से में ओलावृष्टि एक दुर्लभ घटना है.

आरजी कर अस्पताल में बलात्कार और हत्या की शिकार जूनियर डॉक्टर की मां ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने भाजपा के उम्मीदवार के रूप में पनिहाटी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने पर सहमति दे दी है. प्रदेश भाजपा की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. हालांकि भाजपा ने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की है, जिसमें इस सीट पर कोई प्रत्याशी घोषित नहीं किया गया है.

केंद्र सरकार ने संसद में बताया कि देशभर में 2017 से अब तक सीवर और सेप्टिक टैंक की ख़तरनाक सफाई के दौरान 622 सफाईकर्मियों की मौत हो चुकी है. 539 परिवारों को पूरा मुआवज़ा दिया गया, जबकि 25 परिवारों को आंशिक मुआवज़ा मिला. मौतों के मामले में उत्तर प्रदेश 86 के साथ सबसे ऊपर है, इसके बाद महाराष्ट्र (82), तमिलनाडु (77), हरियाणा (76), गुजरात (73) और दिल्ली (62) का स्थान है.

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कोटद्वार के ‘मोहम्मद’ दीपक की याचिका पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए कहा कि एक 'संदिग्ध आरोपी' होने के नाते वह अपनी मनचाही राहत, जैसे सुरक्षा और पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ विभागीय जांच की मांग नहीं कर सकते. दीपक ने बीते महीने कोटद्वार में एक मुस्लिम बुज़ुर्ग के साथ दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा की जा रही बदसलूकी का विरोध किया था.

यह त्रासदी नवंबर 2014 में बिलासपुर ज़िले के नेमिचंद जैन अस्पताल (सकरी), गौरेला, पेंड्रा और मरवाही में आयोजित सरकारी सामूहिक नसबंदी शिविरों के दौरान हुई थी. ज़िला अदालत ने आरोपी सर्जन को ग़ैर-इरादतन हत्या का दोषी ठहराया और दो साल की क़ैद, 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया. साथ ही पांच अन्य आरोपियों को बरी कर दिया.

वी-डेम की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के अंत तक दुनिया में 92 तानाशाही वाले देश और 87 लोकतांत्रिक देश मौजूद थे. भारत अभी भी 'चुनावी तानाशाह' बना हुआ है, इस श्रेणी में वह 2017 में शामिल हुआ था. 179 देशों में सें भारत लिबरल डेमोक्रेसी इंडेक्स में 105वें स्थान पर है. पिछले वर्ष यह 100वें स्थान पर था.

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पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच केंद्र सरकार भले ही एलपीजी की किल्लत से इनकार कर रही है लेकिन गैस एजेंसियों पर लंबी क़तारें हैं. गैस की किल्लत से जूझते लोगों के वीडियो सोशल मीडिया पर आ रहे हैं. वहीं, दिल्ली में कुछ अटल कैंटीन बंद हैं, कई हॉस्टल मेस और गुरुद्वारों में लंगर भी सिलेंडर की कमी प्रभावित हो रहे हैं.




