
असम कैबिनेट का बड़ा फैसला, स्टेट स्पेस एप्लीकेशंस सेंटर की स्थापने को दी मंजूरी
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इसमें कहा गया है, "यह राज्य में विभिन्न विकास परियोजनाओं में अंतरिक्ष और जीआईएस इनपुट का इस्तेमाल करने में एक लंबा सफर तय करेगा."
नई दिल्ली/ शरीफुद्दीन अहमद: असम कैबिनेट ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और जलवायु परिवर्तन विभाग के तहत एक स्वायत्त पंजीकृत सोसायटी के तौर पर असम स्टेट स्पेस एप्लीकेशंस सेंटर (एएसएसएसी) की स्थापना को मंजूरी दी. कैबिनेट ने कहा, "नई इकाई साइंस और तकनीकी-प्रबंधकीय एक्टिविटीज के क्षेत्र में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, अंतरिक्ष विभाग, उत्तर पूर्व अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र के साथ संपर्क करने के लिए बेहतर स्थिति में होगी." इसमें कहा गया है, "यह राज्य में विभिन्न विकास परियोजनाओं में अंतरिक्ष और जीआईएस इनपुट का इस्तेमाल करने में एक लंबा सफर तय करेगा."
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में कैबिनेट ने फैसला किया कि सभी सरकारी पत्राचार के लिए वर्तमान ग्रेगोरियन कैलेंडर के अलावा असमिया कैलेंडर (क्रमशः बराक और बीटीएडी क्षेत्रों में बांग्ला और बोडो कैलेंडर) का इस्तेमाल किया जाएगा. मंत्रिपरिषद ने साल 2021 के लिए एनआई एक्ट के तहत 34 राजपत्रित अवकाश, 31 प्रतिबंधित अवकाश, 2 अर्ध अवकाश और 18 अर्ध अवकाश को मंजूरी दी. बराक घाटी में एक नया वन्यजीव प्रभाग स्थापित किया जाएगा. कैबिनेट ने PMSVANidhi के तहत कोरोना और लॉकडाउन से प्रभावित रेहड़ी-पटरी वालों को मंजूर किए गए ऋणों पर स्टांप शुल्क माफ करने की भी मंजूरी दी.

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India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

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