
अशोक गहलोत का ऐलान- राजस्थान में 500 रुपये में मिलेगा गैस सिलेंडर, जानिए कब से किनको मिलेगा फायदा
Zee News
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार महंगाई की मार झेल रहे गरीब परिवारों को रसोई गैस का सिलेंडर 500 रुपये में उपलब्ध करवाएगी. गहलोत ने कहा कि सरकार इस बारे में लाभान्वितों की श्रेणी का अध्ययन करवाकर इसे नए वित्तवर्ष यानी एक अप्रैल से लागू करेगी.
नई दिल्लीः राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार महंगाई की मार झेल रहे गरीब परिवारों को रसोई गैस का सिलेंडर 500 रुपये में उपलब्ध करवाएगी. गहलोत ने कहा कि सरकार इस बारे में लाभान्वितों की श्रेणी का अध्ययन करवाकर इसे नए वित्तवर्ष यानी एक अप्रैल से लागू करेगी.
जनसभा के दौरान गहलोत ने की घोषणा गहलोत ने ये घोषणा यहां भारत जोड़ो यात्रा के तहत एक जनसभा को संबोधित करते हुए की. इसके साथ ही उन्होंने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), आयकर विभाग व केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जैसे सभी संगठन आजकल खुद डर रहे हैं, ‘पता नहीं ऊपर से क्या आदेश आ जाए.’

Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.

Boeing P-8I Neptune Aircraft: Boeing P-8I Neptune विमानों की अतिरिक्त खरीद की जा रही है. इससे लंबी दूरी की एंटी-सबमरीन वॉरफेयर (ASW), समुद्री निगरानी और समुद्री हमले की क्षमता को मजबूत करेगी. यह विमान अमेरिकी कंपनी Boeing द्वारा बनाए जाते हैं. इन 6 विमानों के शामिल होने के बाद भारतीय नौसेना के पास कुल 18 P-8I विमान हो जाएंगे. इससे भारत, अमेरिका के बाद, इस विमान परिवार का दूसरा सबसे बड़ा ऑपरेटर बन जाएगा.








