
अमेरिका में अडानी समूह पर नई जांच, ईरानी एलपीजी आयात के आरोपों की पड़ताल शुरू
The Wire
अमेरिकी ट्रेजरी के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल ने अडानी एंटरप्राइजेज के ख़िलाफ़ ईरान प्रतिबंधों के संभावित उल्लंघन की जांच शुरू की है. मामला कथित ईरानी एलपीजी आयात से जुड़ा है. इसी बीच, अमेरिका में 265 मिलियन डॉलर के कथित भ्रष्टाचार मामले में भी समूह के शीर्ष अधिकारियों पर क़ानूनी कार्यवाही जारी है.
नई दिल्ली: अमेरिका के ट्रेजरी विभाग के तहत काम करने वाले ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (ओएफएसी) ने अडानी एंटरप्राइजेज के खिलाफ ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों के संभावित उल्लंघन को लेकर औपचारिक जांच शुरू की है. यह जांच कथित रूप से ईरानी ऊर्जा उत्पादों, खासकर लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) के आयात से जुड़ी बताई जा रही है.
इस कदम के साथ ही अमेरिका में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी माने जाने वाले इस भारतीय समूह पर नियामकीय दबाव और बढ़ गया है.
कंपनी को 4 फरवरी, 2026 को ईमेल के माध्यम से एक नोटिस (रिक्वेस्ट फॉर इंफॉर्मेशन – आरएफआई) मिला, जिसके बाद इस जांच की पुष्टि हुई. आम तौर पर ओएफएसी लंबित जांचों को सार्वजनिक नहीं करता, लेकिन इस मामले में कंपनी को अपने नियामकीय दायित्वों के तहत भारतीय शेयर बाजारों को इसकी जानकारी देनी पड़ी. यही वजह है कि जांच का विवरण सार्वजनिक हो सका.
अडानी समूह के अनुसार, ओएफएसी उन लेन-देन की पड़ताल कर रहा है जो अमेरिकी वित्तीय संस्थानों के जरिए किए गए और जिनका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध ईरान या उन व्यक्तियों से हो सकता है, जो अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में आते हैं. अमेरिकी कानून के तहत यदि कोई विदेशी कंपनी ईरान के ऊर्जा क्षेत्र को महत्वपूर्ण सहायता या समर्थन देती पाई जाती है, तो उस पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है. इसमें अमेरिकी वित्तीय प्रणाली से बाहर किए जाने जैसी सख्त सजा भी शामिल है.
अमेरिकी संघीय अधिकारी विशेष रूप से जून 2023 से अब तक हुई खेपों (शिपमेंट) की जांच कर रहे हैं. यह कार्रवाई अमेरिका की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिसके तहत तथाकथित ‘शैडो फ्लीट’ पर शिकंजा कसा जा रहा है. ‘शैडो फ्लीट’ उन टैंकर जहाजों के नेटवर्क को कहा जाता है, जो जहाज-से-जहाज तेल हस्तांतरण और ट्रांसपोंडर बंद रखने जैसे तरीकों से प्रतिबंधित तेल के वास्तविक स्रोत को छिपाने की कोशिश करते हैं.
हालांकि, आरएफआई जारी किया जाना एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है और इसे दोष सिद्धि नहीं माना जाता, लेकिन इससे यह संकेत जरूर मिलता है कि अमेरिकी एजेंसियों को प्रारंभिक स्तर पर पर्याप्त आधार मिले हैं. इसी के तहत कंपनी से आंतरिक दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और शिपिंग से जुड़ा डेटा मांगा गया है, ताकि यह तय किया जा सके कि किसी प्रकार का उल्लंघन हुआ या नहीं.

लोकसभा में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव के सवाल के जवाब में केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि मणिकर्णिका घाट एएसआई के तहत संरक्षित स्मारक नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि घाट पर चल रहा कार्य घाट की गरिमा को बहाल करने के उद्देश्य से किए जा रहे जीर्णोद्धार और संरक्षण परियोजना का हिस्सा है.

देश में एलपीजी गैस की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता के बीच गुरुवार को संसद में जारी बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान ज़ोरदार हंगामा देखने को मिला. कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने सरकार पर इस मुद्दे पर ग़लत जानकारी देने का आरोप लगाया और इस पर संसद के भीतर विस्तृत चर्चा की मांग की. हालांकि, सरकार का कहना है कि देश के पास पर्याप्त भंडार हैं.

ईरान संघर्ष के बीच कंटेनर जहाजों की कमी के कारण कच्चे माल की कीमतों में करीब 30% की बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते भारत में दवाओं के दाम तेज़ी से बढ़ने की आशंका है. उद्योग से जुड़े लोगों ने कहा कि जहाजों की कमी के कारण चीन से आने वाले एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (एपीआई) की आपूर्ति प्रभावित हुई है. चीन भारतीय दवा निर्माताओं के लिए कच्चे माल का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक ने ‘प्रेस नोट 3’ के जरिए भारत के साथ स्थल सीमा साझा करने वाले देशों, मुख्य रूप से चीन पर लगाए गए प्रतिबंधों को वापस लेने का फैसला किया है. यह नियम इन देशों से आने वाले स्वत: निवेश पर रोक लगाता था. विपक्षी दलों ने इस निर्णय को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है.

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते मार्च 2026 की शुरुआत से विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ), जो किसी एयरलाइन की परिचालन लागत का लगभग 40% हिस्सा होता है, की आपूर्ति में रुकावटों के कारण क़ीमतों में काफी वृद्धि हुई है, जिसके चलते एयर इंडिया समूह ने अपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर चरणबद्ध तरीके से फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का निर्णय लिया है.

ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के बीच भारत के कई राज्यों में एलपीजी सिलेंडरों को लेकर चिंता बढ़ गई है. कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं. हालांकि सरकार ने देश में गैस की कमी से इनकार किया है. अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा स्थिति घबराहट में बढ़ी बुकिंग और वितरण बाधाओं से बनी है.

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने विधानसभा में बताया कि जून 2024 से अब तक राज्य में 54 सांप्रदायिक दंगे और सात मॉब लिंचिंग की घटनाएं दर्ज की गई हैं. सबसे अधिक 24 सांप्रदायिक दंगे बालासोर ज़िले में दर्ज किए गए, जबकि 16 मामले खुर्दा ज़िले में सामने आए. हालांकि इन मामलों में 50 प्रतिशत से भी कम मामलों में आरोपपत्र दाखिल किया गया है.

दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में होली पर मुस्लिम महिला पर गुब्बारा फेंकने को लेकर हुए विवाद में 26 वर्षीय तरुण की हत्या के बाद रविवार को एमसीडी ने मुख्य आरोपियों के घर के कुछ हिस्से को अतिक्रमण बताते हुए ढहा दिया. वहीं आरोपी परिवार का कहना है कि हत्या उन्होंने नहीं की है. तरुण का परिवार न्याय की मांग कर रहा है, वहीं आरोपी परिवार की एक सदस्य का कहना है कि पड़ोसियों की लड़ाई को धर्म की लड़ाई बना दिया गया है.





