
अमेरिका के बाद कनाडा की यूनिवर्सिटीज में भी फिलिस्तीन को लेकर प्रोटेस्ट, बाइडेन और ट्रंप फिर आमने-सामने आए
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अमेरिका में एंटी इजरायल प्रोटेस्ट पर अब राष्ट्रपति जो बाइडेन और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर आमने-सामने आ गए हैं. एक तरफ जहां ट्रंप ने इन प्रदर्शनों पर कहा कि वे अमेरिका में जिहाद किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे. वहीं, राष्ट्रपति बाइडेन ने हिंसा को गलत बताया है.
अमेरिका में इजरायल के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन लगातार उग्र होता जा रहा है. देश की दो दर्जन से ज्यादा यूनिवर्सिटीज में स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट कर रहे हैं. अब तक 2000 से ज्यादा छात्रों को अरेस्ट भी किया जा चुका है. ऐसे में ये प्रदर्शन अब अमेरिका से कनाडा के विश्वविद्यालयों तक पहुंच गया है.
कनाडा की कई यूनिवर्सिटीज में छात्र गाजा पर इजरायल के हमले के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं. कनाडा की टोरंटो यूनिवर्सिटी और मॉन्ट्रियल की मैकगिल यूनिवर्सिटी में छात्रों ने मोर्चा संभाल लिया है. ये छात्र कैंपस में ही टेंट लगाकर प्रदर्शन कर रहे हैं. इसके अलावा विक्टोरिया यूनिवर्सिटी, वैंकूवर आइलैंड यूनिवर्सिटी और ओटावा यूनिवर्सिटी में भी स्टूडेंट प्रदर्शन हो रहे हैं.
कनाडा के छात्रों की मांगें भी अमेरिकी छात्रों के समान है. इनकी गाजा में तुरंत स्थाई सीजफायर की मांग है. साथ ही यूनिवर्सिटी उन प्रोडक्ट्स या कंपनियों से अलग हो जाएं, जो इजरायल से जुड़ी हुई हैं.
अमेरिका में इजरायल विरोधी प्रोटेस्ट को लेकर भिड़े ट्रंप और बाइडेन
अमेरिका में एंटी इजरायल प्रोटेस्ट पर अब राष्ट्रपति जो बाइडेन और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर आमने-सामने आ गए हैं. एक तरफ जहां ट्रंप ने इन प्रदर्शनों पर कहा कि वे अमेरिका में जिहाद किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे. वहीं, राष्ट्रपति बाइडेन ने हिंसा को गलत बताया है.
अमेरिका में हो रहे इजरायल विरोधी प्रदर्शनों पर राष्ट्रपति जो बाइडेन ने प्रतिक्रिया दी है. बाइडेन ने कहा कि अमेरिका में हम लोगों के अधिकारों का सम्मान और उसकी रक्षा करते हैं ताकि उनकी आवाज को अनसुना नहीं किया जा सके. लेकिन इसके लिए किसी भी कीमत पर हिंसा, तोड़फोड़ और नफरत का सहारा नहीं लिया जा सकता.

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गलीबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका-ईरान वार्ता का दावा फर्जी बताया. उनका कहना है कि यह वित्तीय और तेल बाजार को प्रभावित करने और अमेरिका-इजरायल की रणनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए फैलाया गया. ईरान ने किसी भी वार्ता की पुष्टि से इनकार किया.

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युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.








