
अब शेयर में आएगी तूफानी तेजी? 6983% चढ़ा इस कंपनी का मुनाफा
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पीयूष बंसल की कंपनी लेंसकार्ट के मुनाफे में शानदार तेजी आई है. कंपनी का मुनाफा 70 गुना बढ़ चुका है और 131 करोड़ रुपये पहुंच चुका है. ऐसे में गुरुवार को शेयर फोकस में रहेंगे.
पीयूष बंसल की कंपनी लेंसकार्ट सॉल्यूशंस लिमिटेड (LensKart Solution Ltd) ने अपने वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही की कमाई में भारी बढ़ोतरी दर्ज की है, जिसमें कंपनी का नेट प्रॉफिट 70 गुना (6,983% ) बढ़कर 131 करोड़ रुपये हो गया है. पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट सिर्फ 1.85 करोड़ रुपये था.
ऑपरेशन से रेवेन्यू दिसंबर तिमाही में सालाना आधार पर 38.3 प्रतिशत बढ़कर 2,307.7 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले के 1,668.8 करोड़ रुपये से अधिक है. कंपनी चश्मे के रिटेल और ऑनलाइन बिजनेस में लगातार ग्रोथ दर्ज की है.
रेवेन्यू और मार्जिन में उछाल कंपनी ने तिमाही के आधार पर 5.3 करोड़ रुपये का असाधारण घाटा दर्ज किया, जो पूरी तरह से आईपीओ के माध्यम से शेयरों के नए इश्यू से संबंधित 5.3 करोड़ रुपये के खर्चों के कारण हुआ है. गुरुग्राम स्थित इस कंपनी का कुल खर्च दिसंबर में समाप्त तिमाही में 28 प्रतिशत बढ़कर 2,162.6 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 1,690.4 करोड़ रुपये और पिछली तिमाही में 1,980.3 करोड़ रुपये था.
लेंसकार्ट ने कहा कि EBITDA से पहले की उसकी कमाई में 1.9 गुना वृद्धि हुई है और परिचालन पैमाने में वृद्धि के साथ संरचनात्मक रूप से बेहतर यूनिट इकोनॉमिक के कारण तीसरी तिमाही में मार्जिन 14.5 प्रतिशत से बढ़कर 20.0 प्रतिशत हो गया है.
आई चेकअप में इजाफा कंपनी ने तीसरी तिमाही में 63 लाख आई चेकअप किए, जो पिछले साल की तुलना में 54 फीसदी ज्यादा है. भारत में नेत्र परीक्षणों की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई और यह संख्या 55 लाख तक पहुंच गई, जिनमें से 49 प्रतिशत पहली बार आई चेकअप थे. Lenskart ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में 195 नए स्टोर जोड़े, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में 81 स्टोर जोड़े गए थे, जिनमें से 169 भारत में और 26 इंटरनेशनल मार्केट में थे.
पीयूष बंसल ने कहा कि हमारी कमाई में हर एक रुपये और डॉलर की बढ़ोतरी से EBITDA में बड़ा हिस्सा जुड़ता है. राजस्व में सालाना आधार पर 37.4 प्रतिशत की तेजी आई है. EBITDA में 90.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो राजस्व की दर से दोगुना से भी ज्यादा है और मार्जिन 14.5 प्रतिशत से बढ़कर 20 फीसदी हो गया है. PAT सालाना आधार पर तीन गुना हुआ है. यह कॉस्ट कटिंग नहीं है, बल्कि ऑपरेशनल प्रॉफिट है.

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