
अफगानिस्तानः तालिबान की कथनी और करनी में बड़ा फर्क, अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आ रहे तालिबानी लड़ाके
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18 अगस्त को काबुल एयरपोर्ट की खौफनाक तस्वीरें सामने आई थीं. जब लोग जान बचाने के लिए किसी भी हाल में एयरपोर्ट में दाखिल होना चाहते थे. किसी भी हाल में विमान में सवार होकर तालिबान के चंगुल से निकल जाना चाहते थे. तब तालिबान अंधाधुंध गोलियां चला रहा था.
क्या तालिबान की बोली और करनी अलग-अलग है. तालिबान ने कहा है कि इस बार वो बदलाव लाएगा. महिलाओं को आजादी देगा. लेकिन अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद तालिबान ने एक सरकारी न्यूज चैनल की एंकर को सिर्फ इसलिए हटा दिया, क्योंकि वो महिला थी. सिर्फ इतना ही नहीं, तालिबान ने सलीमा मज़ारी को भी गिरफ्तार कर लिया, जो लंबे वक्त से तालिबान से लड़ाई लड़ रही थीं.
जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लोगों ने ईरान के समर्थन में सोना, चांदी और नकद दान किया. यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है. लोग एक जगह इकट्ठा होकर मदद के लिए आगे आए. बडगाम के विधायक मुंतज़िर मेहदी ने भी एक महीने की सैलरी दान करने की घोषणा की. यह घटना दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का असर दूर तक हो रहा है और लोग इंसानियत के लिए साथ खड़े हो रहे हैं.

महाराष्ट्र के नासिक में खुद को धर्मगुरु बताने वाले अशोक कुमार खरात पर दुष्कर्म, शोषण, जबरन गर्भपात, ठगी और जमीन विवाद में हत्या जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. मामला एक गर्भवती महिला की शिकायत से सामने आया, जिसके बाद स्पाई कैमरे से 100 से ज्यादा वीडियो मिले. कई महिलाओं ने सालों तक शोषण का आरोप लगाया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है, जिसमें और बड़े खुलासों की आशंका है.











