
अजीत सिंह हत्याकांड: पूर्व सांसद धनंजय सिंह की बढ़ी मुश्किलें, कोर्ट ने घोषित किया भगोड़ा
Zee News
बीते कई महीनों से लखनऊ पुलिस धनंजय सिंह को गिरफ्तार करने में जुटी हुई है, लेकिन अभी तक माफिया पुलिस के पकड़ में नहीं आ पाया है.
लखनऊ: बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह (Dhananjay Singh) का शिकंजा कसता जा रहा है. मंगलवार को लखनऊ कोर्ट ने माफिया को भगोड़ा (Fugitive) घोषित कर दिया गया है. धनंजय सिंह पर 25 हजार का इनाम भी घोषित है. बता दें धनंजय सिंह लखनऊ में हुए पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह हत्याकांड (Ajit Singh Murder Case) में आरोपी है. इस मामले में वह फरार चल रहा है. जगह-जगह दबिश दे रही है पुलिस गौरतलब है कि बीते कई महीनों से लखनऊ पुलिस धनंजय सिंह को गिरफ्तार करने में जुटी हुई है, लेकिन अभी तक माफिया पुलिस के पकड़ में नहीं आ पाया है. कुछ महीने पहले वह दूसरे मामले में जेल भी गया था, लेकिन कुछ समय बाद ही उसकी जमानत हो गई. वह जेल से छूटकर गुपचुप तरीके से बाहर आ गया. उसके बाद भी पुलिस के हाथ खाली रहे. पुलिस गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह दबिश दे रही है.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.










