
अकोला: भीषण सड़क हादसे में पूर्व विधायक तुकाराम बिरकड़ और शिक्षक की मौत
AajTak
महाराष्ट्र के अकोला में हुए भीषण सड़क हादसे में एनसीपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक तुकाराम बिरकड़ की मौत हो गई. उनके साथ मौजूद शिक्षक राजदत्त मानकर भी इलाज के दौरान चल बसे. यह दुर्घटना अकोला एयरपोर्ट के पास शिवर गांव में हुई, जब एक तेज रफ्तार चारपहिया वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी.
महाराष्ट्र के अकोला जिले में एक भीषण सड़क हादसे में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक तुकाराम बिरकड़ की मौत हो गई. उनके साथ मौजूद शिक्षक राजदत्त मानकर ने भी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. यह दुर्घटना अकोला एयरपोर्ट के पास शिवर गांव में हुई, जहां एक तेज रफ्तार चारपहिया वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी.
शिवर गांव स्थित पेट्रोल पंप के सामने एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने बिरकड़ की बाइक को टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन सड़क पर जा रही भैंसों से भी टकरा गया और पलट गया. हादसे की पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई.
सड़क हादसे में कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक की मौत
हादसे के तुरंत बाद MIDC पुलिस ने वाहन चालक को हिरासत में ले लिया है और उसके खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है. पुलिस जांच में यह देखा जा रहा है कि दुर्घटना की असली वजह क्या थी.
राजनीतिक और सामाजिक योगदान
1) तुकाराम बिरकड़ 2004 से 2009 तक मुर्तिजापुर विधानसभा सीट से विधायक रहे. 2) विदर्भ वैधानिक विकास मंडल के अध्यक्ष पद पर रहते हुए विकास कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. 3) माली समाज के प्रमुख नेता रहे और शिक्षा एवं खेल क्षेत्र में योगदान दिया. 4) पूरे विदर्भ में जय बजरंग नाम से व्यायामशालाओं की स्थापना की. 5) विधायक बनने से पहले अकोला जिला परिषद के सभापति भी रह चुके थे. 6) भाजपा नेता से मुलाकात के बाद लौट रहे थे. 7) हादसे के समय तुकाराम बिरकड़ भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से मुलाकात कर अकोला एयरपोर्ट से लौट रहे थे.

पटना-टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस में खानेखाखा की खराब गुणवत्ता की शिकायत पर भारतीय रेलवे ने IRCTC पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. साथ ही संबंधित सर्विस प्रोवाइडर पर 50 लाख का जुर्माना लगाकर उसका कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने के आदेश दिए गए हैं. रेलवे ने यात्री सुरक्षा और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है.

आज सबसे पहले आपको ये बताएंगे कि हाफ सीजफायर' के बाद अमेरिका की बातचीत ईरान के किस Respected Leader से चल रही है. डोनाल्ड ट्रंप बार-बार इस बात का दावा कर रहे हैं. लेकिन आज ईरान ने पूछा है कि वो Respected Leader कौन है. और Respected Leader से बातचीत चल रही है तो पाकिस्तान के जरिये 15 शर्तों का प्रस्ताव क्यों भेजा है. उससे भी बड़ी बात ये है कि ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव को कूड़ेदान में फेंकते हुए सुपर पावर अमेरिका को अपनी शर्तें बता दी हैं. और कहा है कि सीजफायर छोड़ो, अब ईरान तभी रुकेगा जब अमेरिका उसकी 5 शर्तें मानेगा. इन शर्तों में ईरान ने कहा कि उसे युद्ध में हुए नुकसान का पूरा हर्जाना मिलना चाहिए. ईरान की टॉप लीडरशिप पर हमले बंद होने चाहिए, सारे प्रतिबंध हटाए जाने चाहिए. ईरान को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का कानूनी अधिकार मिलना चाहिए.

आज विशेष में बात इजरायल की. जहां ईरान के हमलों की इंटेंसिटी बढ़ी हुई है. ईरान लगातार इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन से अटैक कर रहा है. लेकिन इजरायल ने अपना सिस्टम ही ऐसा डेवेलप किया हुआ है कि ईरान के भीषण हमलों के बाद भी इजरायल में इतना नुकसान नहीं हो रहा है. भले ही ईरान के हमलों में इमारतें तबाह हो रही हों, गाड़ियों की क्षति हो रही हो. लेकिन लोगों की जान बची हुई है. इजरायल ने कैसे ईरान के हमलों से बचने की तैयारी की हुई है.

सीजेआई सूर्यकांत एक मामले की सुनवाई के दौरान उस वक्त नाराज हो गए, जब याचिकाकर्ता निखिल कुमार पुनिया के पिता ने CJI के भाई को फोन कर दिया. मामला बौद्ध धर्म अपनाकर अल्पसंख्यक आरक्षण मांगने से जुड़ा है. सुप्रीम कोर्ट पहले ही इसे 'नए तरह का धोखा' बताते हुए जांच के आदेश दे चुका है. सीजेआई ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए अवमानना की चेतावनी दी.









