
अंतिम संस्कार के बाद आया बेटी का फोन, 'पापा मैं अंशु… मैं जिंदा हूं', जानें पूरा मामला
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बलिया के रहने वाले विनोद मंडल अकबरपुर थाना पहुंचे और शव की पहचान करते हुए अपनी बेटी का बताया. लिखा-पढ़ी के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव उन्हें सौंप दिया. अंतिम संस्कार के तीन दिन बाद उनकी गुमशुदा बेटी अंशु का वीडियो कॉल आता है और वो कहती है कि पापा मैं 'जिंदा' हूं.
बिहार के पूर्णिया जिले से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. दरअसल अकबरपुर थाना इलाके में मौजूद एक तलाब में युवती का शव तैरता मिला था. ग्रामीणों ने तुरंत ही इसकी सूचना पुलिस को दी. ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेज मामले की जांच शुरू की. साथ ही मृतका के फोटो आसपास के थानों में भेजी.
मृतका की पहचान नहीं हो पा रही थी, इस दौरान बलिया के रहने वाले विनोद मंडल अकबरपुर थाना पहुंचे और शव की पहचान करते हुए अपनी बेटी का बताया. लिखा-पढ़ी के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव उन्हें सौंप दिया. अंतिम संस्कार के तीन दिन बाद उनकी गुमशुदा बेटी अंशु का वीडियो कॉल आता है और वो कहती है कि पापा मैं 'जिंदा' हूं.
अंतिम संस्कार के बाद आया गुमशुदा बेटी का फोन
फोन कॉल आने के बाद घर वालों को तब पूरी तरह यकीन हुआ कि अंशु सच में जिंदा है जब उसने वीडियो कॉल पर परिवार वालों से बात की. अंशु ने बताया कि लापता होने के करीब 10 दिन पहले उसे एक गलत नंबर से कॉल आया था. ये कॉल भवानीपुर के 24 वर्षीय विरांजन का था. उससे बातचीत के दौरान प्यार हो गया और 10 दिन बाद ही भाग कर दोनों ने शादी कर ली है.
अंशु ने अपने परिजनों को बताया कि लड़का जानकी नगर के रुपौली का रहने वाला है. आप मेरी चिंता ना करिए मैं उनके साथ खुश हूं, उनका नाम बिरंजन सिंह हैं. बस आपका आशीर्वाद चाहिए. बता दें, अंशु कुमारी करीब एक महीने पहले लापता हो गई थी. परिवार ने उसकी काफी तलाश की लेकिन लड़की का पता नहीं चल सका.
प्रेमी के साथ भागकर लकड़ी ने कर ली थी शादी

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