
Weather Today: MP से राजस्थान तक शीतलहर, इन राज्यों में बारिश की संभावना, जानें देशभर का मौसम
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IMD Weather Updates: पंजाब, पश्चिमी मध्य प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में शीतलहर (Cold Wave) का प्रकोप जारी है. IMD के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान उत्तराखंड, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में फिर ठंड बढ़ने की संभावना है.
Weather Update Today: पश्चिमी विक्षोभ या वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (Western Disturbance) जम्मू कश्मीर और आसपास के क्षेत्र पर बना हुआ है. जिसके चलते मैदानी इलाकों में उत्तर पश्चिम दिशा से ठंडी और शुष्क हवाएं चल रही हैं. मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान, मुजफ्फराबाद, लद्दाख, जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में हल्की बारिश और हिमपात की संभावना है. Himachal Pradesh | The locals and tourists in Shimla are facing problems due to heavy snowfall "My car is covered in snow for over a week now. Roads are slippery & driving is extremely difficult on these roads. Houses are covered in the snow," said a local resident pic.twitter.com/JGV7C4jkPA

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









