
War Criminal Russia: वॉर क्राइम्स के लिए कुख्यात है रूसी फौज, जानिए नरसंहार का स्याह इतिहास
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बूचा में दिल दहलाने वाली तस्वीरें रूस के वॉर क्राइम का सबूत बन चुकी हैं. लेकिन आम लोगों का नरसंहार रूस की Art Of War है, जिसका एक इतिहास भी है. अफगानिस्तान से लेकर चेचेन्या और सीरिया तक रूसी फौज, वॉर क्राइम्स के लिए कुख्यात है. 1980 के दशक में नौ वर्ष तक अफगानिस्तान में सोवियत यूनियन का कब्जा रहा. ह्यूमन राइट्स वाच के मुताबिक इन नौ सालों में सोवियत यूनियन के हवाई हमलों में दस लाख से ज्यादा अफगानी नागरिक मारे गए. जबकि हजारों अफगानी नागरिक गायब हो गये जिनके नरसंहार की आशंका जताई गई. फिर 1990 के दशक में रूसी फौज के वॉर क्राइम्स का शिकार बना चेचेन्या. देखें ये रिपोर्ट.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











