
Vastu Tips For Roti: इन 5 मौकों पर घर में नहीं बनानी चाहिए रोटी, जीवन में छा जाती है गरीबी
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Vastu Tips For Roti: धार्मिक मान्यताओं में ऐसे कई दिवसों के बारे में जिक्र है जिस दिन रोटी बनाना अशुभ माना जाता है. शास्त्रों के मुताबिक, कुछ ऐसे दिन है जिस दिन रोटी बनाने से मां लक्ष्मी और अन्नपूर्णा नाराज हो जाती हैं.
Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के अनुसार, धार्मिक परंपराओं में कुछ तिथियां ऐसी मानी गई हैं जिनमें रोटी बनाना अशुभ माना जाता है. मान्यता यह है कि भोजन केवल पेट की जरूरत नहीं, बल्कि अन्न के रूप में देवी अन्नपूर्णा और समृद्धि के रूप में देवी लक्ष्मी का रूप है. इसलिए, भोजन बनाते समय घर का वातावरण पवित्र होनी चाहिए, तभी अन्न शुभ फल देता है. चलिए वास्तु शास्त्र के द्वारा जानते हैं कि किन मौकों पर रोटी बनाने से बचना चाहिए.
मृत्यु के समय न बनाएं रोटी
वास्तु शास्त्र के अनुसार, जब भी किसी घर में मृत्यु हो जाए तो उस दौरान रोटी नहीं बनानी चाहिए. मान्यता यह नहीं कि अन्न अपवित्र हो जाता है, बल्कि मृत्यु के समय घर का वातावरण शोक से भरा होता है. ऐसे समय में मन स्थिर होना चाहिए, इसलिए इस दौरान अन्न ग्रहण करना या पकाना उपयुक्त नहीं माना जाता है. इसी कारण से तेरहवीं संस्कार के पूरा होने के बाद ही घर में रोटी बनानी चाहिए.
शीतला अष्टमी
वास्तु शास्त्र के अनुसार, शीतला अष्टमी के दिन माता शीतला को ठंडे यानी बासी भोजन का भोग लगाया जाता है. मान्यता है कि इस दिन चूल्हा नहीं जलाना चाहिए, इसलिए घर में भोजन या रोटी बनाने की मनाही होती है. इस दिन माता को भोग चढ़ाने के बाद वही बासी प्रसाद परिवार के सदस्य ग्रहण करें, जिसे शुभ और रोगों से सुरक्षा देने वाला माना गया है.
शरद पूर्णिमा

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