
53 लाख मीट्रिक टन रिजर्व, करोड़ों बैरल कम तेल मंगा रहा भारत, PM मोदी ने गिनाईं 3 अहम वजह
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पीएम नरेंद्रा मोदी ने लोकसभा में कहा कि,
PM Narendra modi speech in Lok Sabha: पश्चिमी एशिया में जंग के हालात के बीच क्रूड ऑयल और गैस की सप्लाई चेन दुनिया भर में प्रभावित हो रही है. इसका सीधा असर भारत में भी देखने को मिल रहा है. हाल ही में देश भर में प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में इजाफा देखने को मिला है. इन सबके बीच संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में बने हालात को लेकर संबोधन दिया और बताया कि, किस तरह से भारत की दशकों पहले से की गई तैयारियों के चलते फायदा मिला है.
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि, "यह जरूरी है कि भारतीय संसद से एकमत आवाज दुनिया में जाए. पश्चिम एशिया में जंग से भारत सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में से एक है. भारत में भारी मात्रा में कच्चा तेल, गैस और फर्टिलाइज़र जैसी अनेक जरूरी चीजें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के रास्ते आती हैं. युद्ध के बाद से ही होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों का आना-जाना बहुत चुनौतीपूर्ण हो गया है. बावजूद इसके, हमारी सरकार का ये प्रयास रहा है कि पेट्रोल-डीज़ल और गैस की सप्लाई बहुत ज्यादा प्रभावित न हो, देश के सामान्य परिवारों को भी परेशानी काम से काम हो, इसपर हमारा फोकस रहा है."
उन्होंने कहा कि, "देश अपनी जरूरत की 60% एलपीजी आयात करता है. इसकी सप्लाई में अनिश्चितता के कारण देश भर में LPG का प्रोडक्शन बढ़ाया जा रहा है. इसके अलावा पेट्रोल-डीजल की सप्लाई किसी भी तरह से प्रभावित न हो, इसके लिए भी लगातार काम किया गया है. आज की परिस्थितियों में एनर्जी सिक्योरिटी को लेकर बीते एक दशक में उठाए गए कदम और भी प्रासंगिक हो गए हैं."
भारत ने बीते 11 सालों में अपनी एनर्जी इंपोर्ट का डायवर्सिफिकेशन किया है. पहले क्रूड ऑयल, एलपीजी, एनएनजी ऐसी एनर्जी जरूरतों के लिए 27 देशों से इंपोर्ट किया जाता था. वहीं आज भारत 41 देशों से एनर्जी इंपोर्ट करता है. बीते दशक में भारत ने कच्चे तेल के भण्डारण को भी प्राथमिकता दी है. आज भारत के पास 53 लाख मीट्रिक टनन से ज्यादा स्ट्रेट्रजिक पेट्रोलियम रिजर्व है और 65 लाख मीट्रिक टन की व्यवस्था पर काम किया जा रहा है. हमारी तेल कंपनियों के पास तो रिजर्व रहता है वो अलग है.
सरकार अलग-अलग देशें के सप्लायर्स के साथ भी प्रयासरत है. भारत सरकार गल्फ और आसपास के शिपिंग रूट्स पर नज़र बताए हुए है. हम अपने सभी ग्लोबल सपोर्ट के साथ लगातार कम्यूनिकेशन कर रहे हैं. ताकि हमारे कॉरिडोर सुरक्षित रहें. बीते दिनों स्ट्रेट ऑफ हार्मूज में फंसे हमारे कई जहाज आए भी हैं.
पीएम मोदी ने भारत की 3 बड़ी तैयारियों को गिनाया, जिसका फायदा अब मिल रहा है.

आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.

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