
US के सबसे बड़े एक्सपर्ट का दावा- कोरोना वायरस को हराने के लिए बूस्टर शॉट जरूरी
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न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित फाइजर अध्ययन से पता चला है कि बूस्टर डोज के करीब 12 दिनों के बाद, संक्रमण की दर 11 गुना कम हो गई थी.
बदलते हालात के बीच कोरोना वैक्सीन के बूस्टर शॉट्स जल्द ही लोगों को कोविड-19 महामारी के खिलाफ अधिकतम सुरक्षा हासिल करने के लिए जरूरी हो जाएंगे, यह दावा किया है अमेरिका के शीर्ष संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर एंथनी फाउची (Anthony Fauci) ने. उन्होंने रविवार को फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) पैनल की ओर से 16 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों में तीसरी डोज के व्यापक उपयोग को खारिज किए जाने के बाद कहा, फाइजर (Pfizer) ने संयुक्त राज्य अमेरिका एफडीए को 52 पेज के प्रेजेंटेशन में प्रस्ताव दिया, जिसमें हाल ही में इजरायल के अध्ययन के आंकड़े भी शामिल थे. यहां दिखाया गया था कि इंजेक्शन के बाद कोविड वैक्सीन की बूस्टर खुराक 60 साल से अधिक उम्र के वयस्कों में संक्रमण और गंभीर बीमारी दोनों को रोक सकती है.

स्विटजरलैंड के दावोस में चल रहे WEF की बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप को बताया कि अमेरिका जैसी शक्ति को क्यों कानून आधारित वर्ल्ड ऑर्डर का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में बहुपक्षवाद के बिखरने का डर सता रहा है. मैक्रों ने कहा कि दुनिया में जोर जबरदस्ती के बजाय सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता देने की जरूरत है.

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के दावोस भाषण ने उस धारणा को तोड़ दिया कि वेस्टर्न ऑर्डर निष्पक्ष और नियमों पर चलने वाली है. कार्नी ने साफ इशारा किया कि अमेरिका अब वैश्विक व्यवस्था को संभालने वाली नहीं, बल्कि उसे बिगाड़ने वाली ताकत बन चुका है. ट्रंप के टैरिफ, धमकियों और दबाव की राजनीति के बीच मझोले देशों को उन्होंने सीधा संदेश दिया है- खुद को बदलो, नहीं तो बर्बाद हो जाओगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले से स्थापित वर्ल्ड ऑर्डर में हलचल ला दी. ट्रंप के शासन के गुजरे एक वर्ष वैश्किल उथल-पुथल के रहे. 'अमेरिका फर्स्ट' के उन्माद पर सवाल राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ का हंटर चलाकर कनाडा, मैक्सिको, चीन, भारत की अर्थव्यवस्था को परीक्षा में डाल दिया. जब तक इकोनॉमी संभल रही थी तब तक ट्रंप ने ईरान और वेनेजुएला में अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर दुनिया को स्तब्ध कर दिया.

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दावोस शिखर सम्मेलन में मंगलवार को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसके संकेत दिए. उन्होंने दावोस शिखर सम्मेलन में कहा कि कुछ लोग इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहते हैं, ऐसा समझौता जो 2 अरब लोगों का बाजार बनाएगा और वैश्विक GDP के करीब एक-चौथाई का प्रतिनिधित्व करेगा.

मिडिल ईस्ट क्षेत्र में अमेरिकी फौजी जमावड़े ने स्थिति को काफी संवेदनशील बना दिया है. एयरक्राफ्ट कैरियर, फाइटर जेट्स और मिसाइल डिफेंस सिस्टम अलर्ट मोड पर हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर दावा किया गया है कि चीन ने ईरान को अब तक की सबसे बड़ी सैन्य मदद भेजी है, जिसमें 56 घंटे के भीतर चीन के 16 जहाज ईरान पहुंचे. हालांकि इस सूचना की पुष्टि नहीं हुई है.








