
UP: काशी विश्वनाथ मंदिर में बना नया रिकॉर्ड, पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 42% से ज्यादा बढ़ी आय
AajTak
काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में आय और व्यय दोनों में पर्याप्त वृद्धि हुई है. पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 42.43 फीसदी की वृद्धि के साथ मंदिर न्यास की कुल आय 83.34 करोड़ रुपये रही. वहीं, व्यय में 40.38 फीसदी की वृद्धि के साथ कुल व्यय 25.32 करोड़ रुपये रहा है.
उत्तर प्रदेश के वाराणसी के काशी विश्वनाथ धाम (Kashi Vishwanath Mandir) के निर्माण के बाद से ही श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हुआ है. इसके चलते दिन प्रतिदिन नए रिकॉर्ड बनते चले जा रहे हैं. वहीं, विश्वनाथ धाम की आय में भी गजब का उछाल देखने को मिला है. बीते वित्तीय वर्ष की तुलना में काशी विश्वनाथ धाम में 42 फीसदी से भी अधिक की वृद्धि आय में देखी गई है.
हालांकि, इस दौरान होने वाला खर्च भी 40 फीसदी से ज्यादा बढ़ा है. इस बारे में और ज्यादा जानकारी देते हुए विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में आय और व्यय दोनों में पर्याप्त वृद्धि हुई है.
यह भी पढ़ें- गर्मी से निपटने के लिए काशी विश्वनाथ मंदिर ने बनाया प्लान, इस तकनीक से श्रद्धालुओं को देंगे राहत
पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 42.43 फीसदी की वृद्धि के साथ मंदिर न्यास की कुल आय 83.34 करोड़ रुपये रही. वहीं, व्यय में 40.38 फीसदी की वृद्धि के साथ कुल व्यय 25.32 करोड़ रुपये रहा है. व्यय में बढ़ोत्तरी मुख्यतः मंदिर न्यास द्वारा शुरू की गई नवीन कल्याणकारी योजनाओं के कारण हुई है.
इन कार्यों में हो रही राशि खर्च
इन योजनाओं में प्रमुख रूप से समस्त संस्कृत विद्यार्थियों को वस्त्र, पुस्तक, वाद्य यंत्रों आदि का वितरण प्रारंभ किया जाना है. इसके अलावा ठंड के मौसम में कंबल, वस्त्र आदि का सामान्यजन को वितरण करना, अन्न सेवा द्वारा निःशक्त जनों, यात्रियों आदि को भोजन की सुविधा प्रदान करना है. इसके साथ ही मंदिर की तरफ से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय विद्वानों की सहभागिता में वैश्विक समस्याओं के निवारण के लिए समय-समय पर अनेक सेमिनार आयोजित किए जा रहे हैं.

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अली लारीजानी के जाने से ईरान की व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी और संघर्ष जारी रहेगा. उन्होंने इस युद्ध के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भी सख्त रुख दिखाते हुए उन्होंने इस जलमार्ग से अमेरिका, इजरायल और उसके सहयोगियों की जहाजें नहीं गुजरने देने की बात कही.

ईरान में कल लारीजानी की हमले में मौत के बाद इस वक्त महायुद्ध महाभीषण मोड़ पर पहुंच चुका है. IDF ने पुष्टि की है कि कुछ ही देर पहले, ईरान से इज़राइल की ओर मिसाइलें दागी गई हैं. इस खतरे को रोकने के लिए डिफेंस सिस्टम सक्रिय हो गया है. होम फ्रंट कमांड ने संबंधित क्षेत्रों में लोगों के मोबाइल फ़ोन पर सीधे तौर पर एक प्रारंभिक निर्देश जारी किया है.

इजरायल के लेबनान पर लगातार हमले जारी है, एक के बाद एक इजरायल लेबनान के कई हिस्सों पर भी,ण बमबारी कर रहीा है. बेरूत में भी इजरायल रिहायशी इलाकों को अपना निशाना बना रहा है. सेंट्रल बेरूत में इरजरायली एयरफोर्स ने एक 22 मंजिला इमारत को टारगेट किया, जिसके बाद बिल्डिंग पूरी तरह सेढह गई. इस हमले में अबतक 6 लोगों की मौत हो चुकी है.

राज्यसभा और लोकसभा, संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही चल रही है. राज्यसभा में आज कार्यकाल पूरा कर रहे सदस्यों को विदाई दी जा रही है. इस मौके पर प्रधानमंत्री ने सदन को संबोधित किया तो मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी भाषण दिया. इस दौरान खड़गे ने कहा कि विदा होने वाले सदस्यों में बहुत से फिर सदन में लौटेंगे. सुनिए भाषण.

अमेरिका और ईरान युद्ध के चलते खाड़ी देश में रह रहे भारतीय मुस्लिम जंग के साये में ईद मनाने के लिए मजबूर है. इस बार घर और परिवार के साथ ईद मनाने के अरमानों पर पानी फिर गया है, युद्ध के चलते फ्लाइट कैंसिल हो रही है तो एयर टिकट महंगा है और नौकरी खोने का भी खतरा भी सता रहा है, जिसके चलते परदेस में ही ईद मनाने को बेबस हैं.








