
Unprofessional बोल दिया, लड़की ने इंटरनेट पर शेयर की वॉट्सऐप DP, पूछा- 'क्या ये ज्यादा बोल्ड है?'
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whatsapp dp: लड़की ने बताया कि रात को एक बजे उनकी इंडस्ट्री के ही एक शख्स ने उनकी डीपी को लेकर कमेंट किया. उसने कहा कि ये अप्रोफेशनल है. जिसके बाद उन्होंने इसे एक्स पर शेयर कर लोगों की राय मांगी.
एक लड़की ने अपनी परेशानी बताते हुए सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर अपनी व्हाट्सएप डीपी शेयर की है. साथ ही लोगों से पूछा है कि क्या ये ज्यादा बोल्ड है? जिनकी हम बात कर रहे हैं, उनका नाम सुरभी जैन है. वो एक एप की फाउंडर हैं. उनकी ही फील्ड से जुड़े एक शख्स ने उनकी डीपी पर कमेंट कर दिया. उनसे कहा गया कि ये अनप्रोफेशनल है. इस तस्वीर में उनके बालों का रंग लाल नजर आ रहा है. उन्होंने इस बारे में एक्स पर बताया है. साथ ही कहा कि कैसे उनके लाल रंग के बाल उनकी 'निडर भावना और नई चीजों को आजमाने की इच्छा' को दर्शाते हैं.
उन्होंने एक्स पर लिखा, 'आपको इस तरह की डीपी नहीं लगानी चाहिए. इंडस्ट्री के एक दिग्गज शख्स ने मुझे रात के 1:30 बजे व्हाट्सएप पर मैसेज में ये बोला. मैंने कहा, आपका क्या मतलब है? (ये सिर्फ मेरी पासपोर्ट साइज की फोटो थी.) उन्होंने कहा, 'ऐसे' , बालों का रंग देखो, यह अनप्रोफेशनल लगता है.' ईमानदारी से कहूं तो, मैं थोड़ा हैरान रह गई. क्या ये ज्यादा बोल्ड है? मुझे हैरानी हुई, लेकिन फिर मेरे मन में आया- क्या आज के फाउंडर्स को ऐसा ही नहीं होना चाहिए?'
उन्होंने इस पर लंबा चौड़ा पोस्ट किया. इस पोस्ट को अभी तक 90.7 हजार से अधिक लोगों ने देख लिया है. लोग इसे खूब शेयर कर रहे हैं. साथ ही कमेंट करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. एक यूजर ने कहा, 'वो शख्स रात को 1 बजे दूसरों की डीपी क्यों देख रहा था?' एक अन्य यूजर ने लिखा, 'प्रोफेशनल और अपप्रोफेशनल चीजों के साथ समस्या यह है कि लोगों का ध्यान काम पर नहीं, बल्कि उन चीजों पर ज्यादा होता है जो महज बाधा बनती हैं.'
तीसरे यूजर का कहना है, 'मेरी एक टीम की साथी है, जिसका हेयरस्टाइल बिल्कुल आपके जैसा ही है और वह हमारे सबसे बेहतर काम करने वालों में से एक है. दिखावा मायने रख सकता है लेकिन प्रतिभा सबसे महत्वपूर्ण है.'

आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.












