
Ukraine War: रण क्षेत्र के भीतर कितना विनाश, जानें रूसी विध्वंस का आंखों देखा हाल
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रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग में शांति की कोशिशें दो क़दम आगे बढ़ती हैं, तो चार क़दम पीछे चली जाती हैं. कहने का मतलब ये कि जब-जब ये लगता है कि ये जंग शायद अब थम जाएगी, रूस अपने हमले बंद कर देगा. यूक्रेन.. नेटो और यूरोपियन यूनियन से अपनी नज़दीकी की उम्मीद छोड़ देगा, तब-तब कोई नया बवाल जंग की आग और भड़का जाता है. और अब तो ताज़े हालात कुछ ऐसे बनने लगे हैं कि एक बार फिर ये डर सताने लगा है कि कहीं दोनों मुल्कों के बीच की ये जंग वाक़ई विश्वयुद्ध में तब्दील ना हो जाए. आजतक संवाददाता श्वेता सिंह ने बताए अपने अनुभव इतने दिन वॉरजोन में उन्होंने क्या देखा और क्या रहे वहा के हालात.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











