
Ukraine Crisis: यूक्रेनियंस ने कहा- 40 दिनों से न खाना है, न पानी... लेकिन हम और मजबूत होकर उभरेंगे
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यूक्रेन पर रूसी सैनिकों की ओर से जारी हमले के बीच कई यूक्रेनियंस की दर्दनाक कहानियां सामने आई हैं. युवाओं से लेकर बुजुर्गों ने आंखों देखी बताई है. साथ ही जंग के बाद वहां शुरू हुए हालातों को भी बयां किया है. उनका कहना है कि जारी जंग के खौफ के बीच अब वे मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं.
रूस की ओर से यूक्रेन पर हमले के बीच वहां के कई इलाकों की अलग-अलग भयावह तस्वीरें सामने आ रही है. आजतक के संवाददाता ने अलग-अलग इलाकों में यूक्रेनियंस से बातचीत की है. यूक्रेनियंस ने बताया कि पिछले 40 दिनों से वे खाना, पानी और बिजली के लिए संघर्ष कर रहे हैं. बातचीत के दौरान यूक्रेनियंस ने ये भी कहा कि भयानक स्थिति के बावजूद वे अंदर से मजबूत हैं और उन्हें उम्मीद है कि वे और मजबूत होकर उभरेंगे.
आजतक के संवाददाता गौरव सावंत ने एक मॉल में साशा से बातचीत की. साशा ने बताया कि वो इंजीनियर है और बुचा इलाके में एक झोपड़ी में रहता है. साशा ने बताया कि बुचा इलाके में उसके घर के काफी नजदीक यूक्रेन और रूस की सेना के बीच लड़ाई हो रही थी. दोनों ओर से हुई लड़ाई में दोनों देशों की सेनाओं को काफी जान-माल का नुकसान हुआ है. साशा ने कहा कि हम इस युद्ध में नष्ट हो गए हैं. बुचा और होस्टोमेल क्षेत्र में जानमाल की भारी क्षति हुई है.
वहीं, कैटरीना नाम की बुजुर्ग महिला से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि आप (मीडिया) यहां तक आएं, भगवान आपको आशीर्वाद दे. आप लोग आते हैं तो हमें आशा मिलती है कि सब कुछ ठीक हो जाएगा. कैटरीना ने बताया कि उनका परिवार एक बिल्डिंग के 5वें फ्लोर पर रहता है. परिवार में कुल 12 लोग हैं. उन्होंने बताया कि रूस की सेना ने बिल्डिंग पर ताबड़तोड़ गोलीबारी की जिसमें कई घर तबाह हो गए. इमारतों को रूसी सैनिकों ने नष्ट कर दिया है. बिल्डिंग में बिजली, पानी और गैस की किल्लत हो गई है. हम यहां ठंड में जम रहे हैं.
वहीं विक्टर नाम के एक युवक ने बताया कि यूक्रेन की सेना ने बहुत संघर्ष किया है. हमने कई लोगों को खोया है. रूसियों ने भी कई सैनिकों और टैंकों को खो दिया. विक्टर ने कहा कि पड़ोसियों से लड़ना ठीक नहीं है.
उधर, एक टैंक के पास मौजूद स्वेतलाना ने कहा कि हमारे पास 40 दिनों से न खाना है, न पानी है, न बिजली है. हमने बहुत से लोगों को खो दिया. उन्होंने बताया कि लोग कैसे मारे गए, इसके पीछे भयावह कहानियां हैं. लेकिन हम ठीक हो जाएंगे, हम और मजबूत होकर उभरेंगे.
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