
Ukraine के खून का प्यासा क्यों हुआ Russia? जानें झगड़े की पूरी कहानी
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रूस और यूक्रेन के बीच तनातनी की कहानी पुरानी है. दोनों देश 2014 से ही एक दूसरे के आमने-सामने खड़े हैं. लेकिन एक रोज़ ये तनातनी इतनी बढ़ जाएगी की दुनिया थर्ड वर्ल्ड वॉर यानी तीसरे विश्वयुद्ध के कगार पर पहुंच जाएगी, ये सोचना मुश्किल था. रूस और यूक्रेन के बीच जो हालात बनते जा रहे हैं, उसे देख कर कुछ ऐसा ही लगने लगा है. रूस ने यूक्रेन को तीन तरफ़ से घेर लिया है, हमले की पूरी तैयारी कर ली है और यूक्रेन की राजधानी कीव में कूटनीतिक और फ़ौजी बैठकों का लंबा सिलसिला चल रहा है. यूक्रेन की सरहद पर रूस ने लगभग 1 लाख 30 हज़ार सैनिक तैनात कर रखे हैं और ये पूरी की पूरी फ़ौज बस अपने राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के एक इशारे भर का इंतज़ार कर रही है. इस वीडियो में समझें क्यों बढ़ी रूस-यूक्रेन में तनातनी.

ब्रिटेन में शाही परिवार के सदस्य और प्रिंस चार्ल्स के भाई एंड्र्यू माउंटबेटन-विंडसर को गिरफ्तार कर लिया गया है. डेली टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटिश पुलिस पूर्वी इंग्लैंड स्थित एंड्र्यू के घर पर पहुंची. सैंड्रिंघम एस्टेट के वुड फार्म के आसपास छह बिना नंबर वाली पुलिस कारें और आठ सादे कपड़ों में अधिकारी देखे गए. थेम्स वैली पुलिस फरवरी में उन आरोपों की जांच कर रही थी जिनमें दावा किया गया था कि माउंटबेटन-विंडसर ने दिवंगत यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन को सरकारी दस्तावेज दिए थे.

पाकिस्तान एक बार फिर से अफगानिस्तान पर हमले का बहाना ढूंढ़ रहा है. PAK ने अफगानिस्तान को कूटनीतिक मैसेज देते हुए खुलेआम कहा है कि उसे TTP या दूसरे किसी भी ग्रुप को जवाब देने और उसे खत्म करने का अधिकार है. पाकिस्तान ने इस कूटनीतिक भाषा के लिए सोमवार को हुए हमले को आधार बनाया है, जब उसके 11 सैनिक मर गए थे.

तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई बीएनपी सरकार ने घोषणा की है कि बांग्लादेश सभी देशों, खासकर पड़ोसियों के साथ संप्रभु समानता और पारस्परिक लाभ के आधार पर संबंध रखेगा. विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने 'बांग्लादेश फर्स्ट' को विदेश नीति का केंद्रीय सिद्धांत बताया और द्विपक्षीय रिश्तों की व्यापक समीक्षा के संकेत दिए.

ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव चरम पर पहुंच गया है और मिडिल ईस्ट में किसी भी समय युद्ध शुरू होने का खतरा बढ़ गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह संघर्ष कई हफ्तों तक चल सकता है. इस स्थिति को देखते हुए ईरान ने अपने सबसे संवेदनशील सैन्य और परमाणु ठिकानों को सुरक्षित रखने के लिए बड़े पैमाने पर किलाबंदी शुरू कर दी है. जिसका खुलासा सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है.









