TrumpRx क्या है... ट्रंप का नया प्लेटफॉर्म जिसने अमेरिका की दवा कंपनियों और मेडिकल स्टोर्स को कर दिया बेचैन
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अमेरिका का ट्रंप प्रशासन इस महीने ‘ट्रंपआरएक्स’ नाम की एक सरकारी वेबसाइट लॉन्च करने की तैयारी में है, जिसके जरिए मरीज दवा कंपनियों से सीधे रियायती दरों पर दवाएं खरीद सकेंगे. सरकार का दावा है कि इससे लोगों का दवा खर्च कम होगा. हालांकि इस योजना को लेकर डेमोक्रेट सांसदों ने गलत तरीके से दवाएं लिखे जाने, हितों के टकराव और इलाज की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं.
अमेरिका का ट्रंप प्रशासन जल्द ही ‘ट्रंपआरएक्स’ (TrumpRx) नाम की एक नई सरकारी वेबसाइट लॉन्च करने जा रहा है. इस प्लेटफॉर्म के जरिए मरीज दवा कंपनियों से सीधे रियायती दरों पर दवाएं खरीद सकेंगे. प्रशासन का दावा है कि इस पहल से अमेरिकियों के दवा खर्च में कमी आएगी.
बीते कुछ महीनों में ट्रंप प्रशासन ने एक दर्जन से ज्यादा दवा निर्माताओं के साथ समझौते किए हैं, ताकि उनकी दवाओं को इस प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों तक पहुंचाया जा सके. यह वेबसाइट इसी महीने शुरू होने की उम्मीद है.
डेमोक्रेट सांसदों ने उठाए सवाल
हालांकि इस योजना को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं. गुरुवार को डेमोक्रेट सांसद डिक डर्बिन, एलिजाबेथ वॉरेन और पीटर वेल्च ने स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग के इंस्पेक्टर जनरल को एक पत्र लिखकर TrumpRx की संरचना और इसके जरिए मरीजों को किन प्रत्यक्ष उपभोक्ता प्लेटफॉर्म्स की ओर भेजा जाएगा, इस पर चिंता जताई है.
सीनेटरों ने पत्र में लिखा, 'जिन डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर प्लेटफॉर्म्स की ओर ट्रंपआरएक्स मरीजों को भेजेगा, उन्हें लेकर गलत तरीके से दवाएं लिखे जाने, हितों के टकराव और अपर्याप्त इलाज जैसी चिंताएं उठाई गई हैं.'
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि अमेरिकी दुनिया में दवाओं के सबसे बड़े खरीदार हैं, इसलिए लोगों को सबसे बेहतर कीमत मिलनी चाहिए. इसी सोच के तहत 2025 के एक कार्यकारी आदेश के जरिए इस योजना की शुरुआत की गई है.

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