
'TikTok डील मंजूर, अगले साल जाऊंगा चीन', शी जिनपिंग से बातचीत के बाद बोले डोनाल्ड ट्रंप
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टिकटॉक के अमेरिकी संचालन का भविष्य वाशिंगटन-बीजिंग संबंधों में एक बड़ा मुद्दा रहा है. अमेरिकी कांग्रेस ने आदेश दिया है कि जनवरी 2025 तक टिकटॉक को अमेरिकी उपयोगकर्ताओं के लिए बंद कर दिया जाए, जब तक कि उसकी मूल कंपनी बाइटडांस अपने अमेरिकी परिसंपत्तियों को नहीं बेच देती.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शुक्रवार को तीन महीने बाद पहली फोन वार्ता की. इस बातचीत में टिकटॉक के अमेरिका में संचालन को जारी रखने के लिए लंबे समय से लटके समझौते पर प्रगति हुई. इसके अलावा ट्रेड, टैरिफ और वाशिंगटन-बीजिंग के बीच तनाव के अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई.
ट्रंप ने एक्स पर एक पोस्ट में इस वार्ता को अत्यंत उत्पादक करार दिया. उन्होंने कहा, 'हमने ट्रेड, फेंटेनिल, रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की जरूरत, और टिकटॉक डील की मंजूरी सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रगति की.' उन्होंने यह भी घोषणा की कि दोनों नेता अगले महीने दक्षिण कोरिया में होने वाले एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन (APEC) समिट में मिलेंग. डोनाल्ड ट्रंप अगले साल की शुरुआत में चीन की यात्रा करेंगे. वहीं शी जिनपिंग भी अमेरिका की यात्रा पर जाएंगे.
टिकटॉक डील अंतिम चरण में
टिकटॉक के अमेरिकी संचालन का भविष्य वाशिंगटन-बीजिंग संबंधों में एक बड़ा मुद्दा रहा है. अमेरिकी कांग्रेस ने आदेश दिया है कि जनवरी 2025 तक टिकटॉक को अमेरिकी उपयोगकर्ताओं के लिए बंद कर दिया जाए, जब तक कि उसकी मूल कंपनी बाइटडांस अपने अमेरिकी परिसंपत्तियों को नहीं बेच देती. ट्रंप, जो टिकटॉक को अपनी जीत का श्रेय देते हैं, उन्होंने बातचीत जारी रखते हुए इस समयसीमा को बार-बार बढ़ाया है. गुरुवार को उन्होंने टिकटॉक का बचाव करते हुए कहा, 'टिकटॉक की जबरदस्त वैल्यू है, और यह वैल्यू अमेरिका के हाथ में है क्योंकि हमें इसे मंजूरी देनी है.'
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ट्रेड और टैरिफ तनाव पर बात

युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.







