
Tech Explained: डार्क वेब क्या है और क्यों इसे यूज करना मुश्किलों में डाल सकता है? यहां जानें सारे जवाब
ABP News
Dark Web इंटरनेट का वो हिस्सा है, जहां अधिकतर गैरकानूनी काम होते हैं. ड्रग्स और हथियारों से लेकर चोरी हुए डेटा की बिक्री तक सारे काम डार्क वेब पर होते हैं.
Dark Web: आप इंटरनेट यूज करते हैं तो आपने डार्क वेब नाम सुना होगा. यह इंटरनेट का वो हिस्सा है, जहां यूजर्स अनइंडेक्स्ड वेब कंटेट एक्सेस कर सकते हैं. इसके लिए स्पेशल वेब ब्राउजर की जरूरत होती है. यह खासकर उन लोगों के लिए काम की जगह होती है, जो गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल रहते हैं. इसे आमतौर पर उन ट्रांजेक्शन और कन्वर्सेशन के लिए यूज किया जाता है, जिन्हें प्राइवेट रखना होता है. डार्क वेब पर गैरकानूनी एक्टिविटीज के अलावा फिशिंग लिंक, फाइनेंशियल स्कैम्स और मालवेयर आदि होस्ट किए जाते हैं. आज के टेक एक्सप्लेनर में हम जानेंगे कि डार्क वेब क्या होता है और कैसे इसका यूज करना आपको मुश्किलों में डाल सकता है.
इंटरनेट की एक लेयर है डार्क वेब
डार्क वेब को समझने के लिए सबसे पहले इंटरनेट की अलग-अलग लेयर को समझना जरूरी है. इंटरनेट की सबसे पहली लेयर सरफेस वेब होती है. ज्यादातर यूज इसी इंटरनेट का होता है. आप यह आर्टिकल भी सरफेस वेब पर पढ़ रहे हैं. सरफेस वेब पर वो वेबसाइट्स होती हैं, जिन्हें गूगल आदि सर्च इंजन के जरिए एक्सेस किया जा सकता है. सरफेस वेब पर आपकी एक्टिविटी को ट्रैक और रिकॉर्ड किया जा सकता है.
डीप वेब- सरफेस वेब के बाद डीप वेब इंटरनेट की दूसरी लेयर है. इसमें ऑनलाइन डेटा होता है, जो आम यूजर्स के लिए अवेलेबल नहीं है और न ही इसे सर्च इंजन पर इंडेक्स किया गया है. इसमें एकेडमिक रिसर्च पेपर, कोर्ट डॉक्यूमेंट और मेडिकल रिकॉर्ड आदि होते हैं. उदाहरण के तौर पर जब आप अपने हेल्थ चेकअप के रिजल्ट या डॉक्टर की लिखी दवाईयों को देखने उनके पोर्टल पर लॉग-इन करते हैं तो आप डीप वेब को एक्सेस कर रहे होते हैं.













