
Ramadan 2026: रमजान के आखिरी दिनों में खुद को इन नेक कामों में मशगूल करें मुसलमान, मिलेगा सवाब
ABP News
Ramadan 2026: रमजान का तीसरा अशरा शुरू हुआ चुका है. यह 'जहन्नुम की आग से निजात' का काल माना जाता है. इस समय मुसलमानों को नेक आमाल से जुड़े काम कर अल्लाह से अधिक से अधिक सवाब हासिल करना चाहिए.
Ramadan 2026: माह-ए-रमजान इस्लामिक कैलेंडर का नौवां सबसे पवित्र महीना है और शब-ए-कद्र (लैलतुल कद्र) इस्लामिक कैलेंडर की सबसे महत्वपूर्ण और बरकत वाली रात मानी जाती है. 10 मार्च 2026 को रमजान का 20वां रोजा पूरा होने के बाद तीसरा और आखिरा अशरा ‘जहन्नुम (दोजख) की आग से निजात’ शुरू हो चुका है.
19 फरवरी 206 को शुरू हुआ रमजान का पवित्र महीना अब अपने अंतिम पड़ाव पड़ है. इस बीच तीसरे अशरे की शुरुआत भी हो चुकी है. बता दें कि, रमजान का महीना 10-10 दिनों के तीन कालखंड (अशरों) में बटां है. आखिरी अशरे को दोजख से निजात का समय माना जाता है. इस दौरान मस्जिदों और घरों में इबादतों का दौर तेज हो जाता है, क्योंकि इन्हीं रातों में 'शब-ए-कद्र' की रात शामिल होती है, जिसे कुरान में हजार महीनों की इबादत से भी अफजल (बेहतर) बताया गया है.
इस्लामिक विद्वान और उलेमाओं के अनुसार, रमजान के आखिरी दिनों में कुछ विशेष कार्यों में जुटकर हर मुसलमान अपनी किस्मत संवार सकता है. ऐसी मान्यता है कि, रमजान के दौरान नेक कामों का सवाब कई गुना बढ़ जाता है, लेकिन आखिरी 10 दिनों में यह और भी अधिक हो जाता है. इस दौरान किया गया हर नेक काम कई गुणा अधिक सवाब दिलाता है. इसमें फितरा, जकात, रोजा, नमाज और कुरान पढ़ना जैसे काम शामिल हैं. इसलिए रमजान के आखिरी दिनों में मुसलमान ये काम जरूर करें.
रमजान के आखिरी दिनों में इन कामों में जुट जाएं मुसलमान













