
Surya Grahan 2021: साल का पहला सूर्य ग्रहण कल, इन 5 राशियों को होगी हानि ही हानि
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विज्ञान के अनुसार ग्रहण एक खगोलीय घटना है पर धार्मिक दृष्टि से ग्रहण लगना अशुभ माना जाता है. इस दौरान कोई भी शुभ कार्य करने की मनाही होती है. इस साल का पहला सूर्य ग्रहण 10 जून दिन गुरूवार को लगेगा. खास बात ये है कि ये सूर्य ग्रहण वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा. इस बार का सूर्य ग्रहण भारत में आंशिक तौर पर दिखाई देगा. भारतीय समय के अनुसार, सूर्य ग्रहण दोपहर 1 बजकर 42 मिनट से शुरू होगा और शाम 6 बजकर 41 मिनट पर समाप्त होगा.
Surya Grahan 10 June 2021 effect on zodiac signs: विज्ञान के अनुसार, ग्रहण एक खगोलीय घटना है पर धार्मिक दृष्टि से ग्रहण लगना अशुभ माना जाता है. इस दौरान कोई भी शुभ कार्य करने की मनाही होती है. इस साल का पहला सूर्य ग्रहण 10 जून दिन गुरूवार को लगेगा. खास बात ये है कि ये सूर्य ग्रहण वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा. इस बार का सूर्य ग्रहण भारत में आंशिक तौर पर दिखाई देगा. भारतीय समय के अनुसार, सूर्य ग्रहण दोपहर 1 बजकर 42 मिनट से शुरू होगा और शाम 6 बजकर 41 मिनट पर समाप्त होगा. वैज्ञानिकों के मुताबिक, जब सूर्य का करीब 99 प्रतिशत हिस्सा चंद्रमा की छाया में छिप जाता है और सूर्य किसी चमकीले छल्ले की तरह नजर आता है. इसे वलयाकार सूर्य ग्रहण या रिंग ऑफ फायर कहते हैं. वलयाकार सूर्य ग्रहण का नजारा कुछ ही क्षणों के लिए देखा जा सकेगा. जहां देश में कोरोना से जंग जारी है वहीं धार्मिक दृष्टि से ग्रहण का पड़ना अशुभ माना जा रहा है. ज्योतिष के अनुसार, भले ही ग्रहण भारत में न दिखाई दे पर इसका प्रभाव देश के सभी लोगों पर पड़ सकता है. ऐसे में कई राशियां आर्थिक दृष्टि से प्रभावित होंगी. तो आइए जानते हैं सूर्य ग्रहण का सबसे ज्यादा असर किन राशियों पर होगा. वृष- इस बार का सूर्य ग्रहण वृष राशि में लगने जा रहा है. सूर्य ग्रहण के दौरान इस राशि के जातकों को स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है. खर्चों पर नियंत्रण रखें. बेफिजूल में खर्चे न करें. ज्योतिष के अनुसार, ग्रहण के दुष्प्रभाव के कारण साल के अंत में नौकरी-व्यापार से जुड़े मामलों में हानि हो सकती है. किसी नए काम में निवेश करने से बचें. आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है. प्रेम संबंधों के लिए ये समय अच्छा नहीं है.
Shani Nakshatra Gochar 2026: शनि जब रेवती नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो इसका प्रभाव धीरे-धीरे लेकिन गहराई से देखने को मिलता है. रेवती नक्षत्र मीन राशि का अंतिम नक्षत्र माना जाता है और इसका स्वामी बुध ग्रह है. इसलिए इस अवधि में सोच-समझ, योजना, संवाद और निर्णय क्षमता से जुड़े मामलों में खास बदलाव दिखाई दे सकते हैं.

Aaj 20 February 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 20 फरवरी 2026, दिन- शुक्रवार, फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि 14.38 बजे तक फिर चतुर्थी तिथि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र 20.07 बजे तक रेवती नक्षत्र, चंद्रमा- मीन में, सूर्य- कुंभ में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.12 बजे से दोपहर 12.58 बजे तक, राहुकाल- सुबह 11.10 बजे से दोपहर 12.35 बजे तक, दिशा शूल- पश्चिम.











