
Surya Grahan के दौरान इस शहर में पूरी तरह छा जाएगा अंधेरा, लगाई गई इमरजेंसी
AajTak
Solar Eclipse 2024: नियाग्रा फॉल्स इलाके में पूर्ण सूर्य ग्रहण के सबसे खूबसूरत नजारों में से एक नजारा दिखेगा जिसे देखने के लिए लाखों की संख्या में लोग वहां पहुंच रहे हैं. भीड़ को देखते हुए शहर ने बड़ी तैयारियां की हैं और इमरजेंसी की घोषणा कर दी है.
पूर्ण सूर्य ग्रहण को देखते हुए कनाडा के ओंटारियो में स्थित नियाग्रा फॉल्स क्षेत्र में इमरजेंसी की घोषणा की गई है. 8 अप्रैल को लगने वाला पूर्ण सूर्य ग्रहण 1979 के बाद ओंटारियो में लगने वाला पहला ग्रहण होगा. नियाग्रा फॉल्स को पूर्ण सूर्य ग्रहण देखने के लिए सबसे अच्छे स्थानों में से एक घोषित किया गया है जिसे देखते हुए वहां 10 लाख लोग ग्रहण देखने पहुंच रहे हैं.
अमेरिकी टीवी चैनल नेशनल जियोग्राफिक ने कहा है कि नियाग्रा फॉल्स क्षेत्र से पूर्ण सूर्य ग्रहण का बेहद खूबसूरत नजारा दिखेगा जिसके बाद से ही कनाडा के विभिन्न इलाकों से लोग यहां पहुंच रहे हैं. लोग यहां पूर्ण सूर्य ग्रहण का नजारा देखने के लिए पहुंच रहे हैं जब चंद्रमा कुछ मिनटों के लिए सूर्य की किरणों को पूरी तरह ओंटारियो में पहुंचने से रोक देगा.
पूर्ण सूर्य ग्रहण तब दिखता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा तीनों एक सीध में होते हैं और चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है. इससे चंद्रमा पृथ्वी पर जाने वाली किरणों को पूरी तरह रोक देता है और पृथ्वी के जिस हिस्से में उसकी पूर्ण छाया दिखती है, वहां पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखता है.
पूर्ण सूर्य ग्रहण को देखते हुए नियाग्रा में आपातकाल की घोषणा
ब्रिटिश अखबार 'द गार्डियन' के मुताबिक, नियाग्रा फॉल्स के मेयर जिम दियोदाती ने मार्च में कहा था कि उन्हें उम्मीद है, सूर्य ग्रहण के दौरान उनके शहर में एक ही दिन में अब तक के सबसे ज्यादा पर्यटक आएंगे.
नियाग्रा की स्थानीय नगरपालिका ने इस इवेंट के लिए इमरजेंसी की घोषणा कर दी है. गुरुवार को इसकी घोषणा की गई जिसमें ट्रैफिक जाम, इमरजेंसी सेवाओं की मांग में इजाफा और सेलफोन नेटवर्क ओवरलोड को लेकर तैयारी करने पर जोर दिया गया.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.












