
Sri Lanka Crisis: 'संकट में सिर्फ भारत ही कर रहा हमारी मदद', श्रीलंका के ऊर्जा मंत्री ने की तारीफ
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Sri Lanka Crisis: पिछले तीन महीनों में श्रीलंकाई नागरिकों की आय में भी गिरावट आई है. पांच में से दो परिवारों ने बताया कि उनकी आय आधी हो गई है. जून 2022 में खाद्य मुद्रास्फीति 80 प्रतिशत तक पहुंच गई थी. वर्ल्ड फूड प्रोग्राम ने कहा कि श्रीलंका में 63 लाख लोग यानी 28.3 प्रतिशत आबादी के सामने खाने का संकट है. अगर स्थितियां नहीं सुधरीं तो ये संकट और बढ़ सकता है.
Sri Lanka Crisis:आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका के ऊर्जा मंत्री कंचना विजेसेकारा ने शनिवार को भारत की तारीफ की. उन्होंने कहा कि अभी तक भारत ही एकमात्र देश है, जिसने इस संकट में श्रीलंका की कई बार मदद की.
उनसे जब पूछा गया कि क्या श्रीलंका ईंधन के लिए चीन और भारत जैसे अन्य देशों से मदद मांग रहा है? तो इस पर उन्होंने जवाब दिया कि हमने मित्र देशों से ईंधन की मदद मांगी है, जो भी देश हमारी मदद के लिए आगे आते हैं, हम उनका स्वागत करेंगे.
इसके बाद उन्होंने बताया कि संकट के इस समय में केवल भारत सरकार ने ही कई बार श्रीलंका की मदद की है. उन्होंने ईंधन के संकट को लेकर अपने बयान में यूक्रेन, रूस और भारत का तो जिक्र किया लेकिन चीन का नाम नहीं लिया.
ईंधन लेने के लिए नहीं जारी किया कोई पास
इसके बाद मंत्री कंचना को बताया गया कि मीडिया से बात करते हुए एक क्रिकेटर ने कहा कि उन्हें ईंधन लेने के लिए करीब चार घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है. इस पर उनसे पूछा गया कि क्या सेना और पुलिस के लिए कोई विशेष पास जारी किया गया है?
उन्होंने बताया कि किसी को विशेष पास नहीं दिया गया है. सेना के पास ईंधन की जरूरत को पूरा करने के कई विकल्प हैं. हमारे पास पूरे देश में पुलिस के लिए केवल एक फ्यूल कैंप है. पुलिस के लिए और फ्यूल कैंप की व्यवस्था करने पर हम चर्चा कर रहे हैं.

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