
Sonam Raghuwansh : उफ ! ये प्यार... जो-जो सोनम रघुवंशी कहती गई राजा सब चुपचाप करता गया
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राजा रघुवंशी अपनी पत्नी सोनम की हर बात बिना किसी सवाल के मानता चला गया. और शायद यही उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा या कहें अंतिम फैसला साबित हुआ. हनीमून पर कब जाना है, कौन-सा रास्ता चुनना है, क्या पहनना है, कितने पैसे साथ ले जाने हैं हर फैसला सोनम लेती रही और राजा सिर झुकाकर मंजूरी देता रहा. लेकिन राजा को क्या पता था कि उसकी पत्नी क्यों हर बात में उससे हां करवा रही है.
सोनम और राजा की नई-नई शादी हुई थी. रिश्ते में नयापन था, भरोसा था, और था ऐसा प्यार जिसमें ना शब्द की कोई जगह नहीं थी. पत्नी जो-जो कहती गई, वही राजा की दुनिया बनता गया. राजा रघुवंशी अपनी पत्नी सोनम की हर बात बिना किसी सवाल के मानता चला गया. और शायद यही उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा या कहें अंतिम फैसला साबित हुआ. हनीमून पर कब जाना है, कौन-सा रास्ता चुनना है, क्या पहनना है, कितने पैसे साथ ले जाने हैं हर फैसला सोनम लेती रही और राजा सिर झुकाकर मंजूरी देता रहा. लेकिन राजा को क्या पता था कि उसकी पत्नी क्यों हर बात में उससे हां करवा रही है.सोनम तो एक ऐसी साजिश रच रही थी, जो उसे सीधा मौत की घाटी तक ले जाने वाली थी.
रिश्ता जो परिचय पुस्तिका से शुरू हुआ
राजा रघुवंशी इंदौर का ट्रांसपोर्ट कारोबारी के घर का था. उसके परिवार में माता-पिता और दो भाई और भाभी हैं. सोनम का परिवार इंदौर के ही कुशवाह नगर में रहता है, जहां पिता का प्लायवुड का कारोबार है. राजा और सोनम का रिश्ता रघुवंशी समाज की परिचय पुस्तिका में दर्ज विवरणों से जुड़ा था. फिर दोनों परिवारों में संपर्क हुआ और रिश्ता तय हुआ. राजा के घर वाले बकायदा सोनम के घर जाकर उसे पसंद कर आए थे. इसके बाद शादी तय हुई. राजा की मां उमा रघुवंशी बताती हैं कि हमने अपनी बहू को बहुत स्नेह से स्वीकार किया था. उनकी मां से बातें होती रहती थीं, सब ठीक लग रहा था.
शादी, और 4 दिन बाद विदाई
11 मई 2025 को राजा और सोनम की शादी पूरे समाज की उपस्थिति में धूमधाम से हुई. उसी रात सोनम अपने ससुराल पहुंच गई. लेकिन मात्र चार दिन बाद वह अपने मायके लौट गई. उस वक्त जेठ का महीना चल रहा था, इसलिए पगफेरे की रस्म भी नहीं हुई थी. उमा रघुवंशी कहती हैं, हमने कहा था कि बहू को बुला लें, लेकिन उनकी मां ने कहा – जून में बुलाएंगे.
सोनम की कौन कौन सी बात मानता गया राजा

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