
SIR Hearing: 'ट्रेंड क्लर्क अनट्रेंड प्रोफेसर से अच्छा', अधिकारियों की रैंक को लेकर SC में चुनाव आयोग और बंगाल सरकार की तीखी बहस
ABP News
चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि उसको देखना होगा कि सरकार की लिस्ट में से कौन अधिकारी एसआईआर के काम को कर पाएंगे, जिसके लिए 48 घंटे का समय दिया जाए.
बंगाल में चल रहे वोटर लिस्ट के स्पेशल इन्टेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग और बंगाल सरकार के वकील में तीखी बहस हुई. सोमवार (9 फरवरी, 2026) को बंगाल सरकार ने कहा कि वह 8505 अधिकारी माइक्रो ऑब्जर्वर नियुक्त करने के लिए चुनाव आयोग को उपलब्ध करवाएगी. चुनाव आयोग ने अधिकारियों की रैंक को लेकर सवाल उठाया और प्रशासनिक समस्या की बात कही.
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस एन वी अंजारिया की बेंच मामले पर सुनवाई कर रही थी. सुनवाई के दौरान पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्य सचिव और फिलहाल सीएम के सलाहकार मनोज पंत भी कोर्ट में मौजूद थे. उन्होंने चुनाव आयोग की आपत्ति पर कहा कि पहले से काम कर रहे सभी 294 डिस्ट्रिक्ट इलेक्टर ऑफिसर क्लास A अधिकारी हैं. हमने जो नई लिस्ट दी है, उसमें सब का रैंक ERO से नीचे है.
चुनाव आयोग के लिए पेश सीनियर एडवोकेट डी शेषाद्रि नायडू ने कहा कि राज्य सरकार से यह ब्यौरा देने को कहा जाए कि ये 8505 अधिकारी अभी कहां और क्या काम कर रहे हैं? चुनाव आयोग ने कहा कि राज्य सरकार को अधिकारी उपलब्ध करवाने दीजिए. हम उनकी भूमिका को लेकर फैसला लेंगे. पहले से काम कर रहे माइक्रो ऑब्जर्वर ट्रेंड हैं. अब तक चली प्रक्रिया में शामिल रहे हैं. अब दस्तावेजों की पुष्टि कर ईआरओ को सलाह दे रहे हैं.
चुनाव आयोग ने कहा कि नए अधिकारियों को ट्रेनिंग देने की जरूरत पड़ेगी. हमें तय सीमा में एसआईआर का काम पूरा करना होगा. इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, 'लेकिन ये अधिकारी स्थानीय परिस्थितियों को समझते हैं. नाम में मिसमैच जैसी बातों को बेहतर समझ सकेंगे.' चुनाव आयोग ने कहा कि कई बार ट्रेंड क्लर्क अनट्रेंड प्रोफेसर से अच्छा होता है. हम इन अधिकारियों को देखेंगे, जो योग्य होंगे, उनकी जल्द ट्रेनिंग करवाकर काम पर लिया जाएगा.













